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सोनिया गांधी की किताब के प्रकाशन पर विवाद, RSS, चीन और पीएम मोदी से जुड़े तीन मुद्दों पर मचा घमासान

नई दिल्ली। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की प्रस्तावित किताब ‘Belonging: A Journey of Love’ भारत में प्रकाशन से पहले ही विवादों में घिर गई है। किताब को लेकर प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के पीछे हटने के बाद राजनीतिक और साहित्यिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विवाद के केंद्र में किताब की सामग्री और उसमें शामिल कुछ संवेदनशील राजनीतिक संदर्भ बताए जा रहे हैं।

RSS से जुड़े संदर्भ पर विवाद

किताब में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और उससे जुड़े राजनीतिक संदर्भों को लेकर चर्चा है। सूत्रों के मुताबिक, प्रकाशक की ओर से कुछ हिस्सों में संपादकीय बदलाव और तथ्य-जांच की जरूरत बताई गई थी। इन्हीं बदलावों को लेकर लेखिका और प्रकाशक के बीच मतभेद पैदा हुए।

चीन का मुद्दा भी संवेदनशील

किताब में चीन और भारत के बीच संबंधों से जुड़े संदर्भ भी बताए जा रहे हैं। ऐसे विषयों को राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जाता है, खासकर जब उनमें देश की विदेश नीति और प्रमुख राजनीतिक घटनाओं का उल्लेख हो। रिपोर्ट के अनुसार, प्रकाशन से पहले ऐसे हिस्सों की तथ्य-जांच को लेकर भी सवाल उठे हैं।

पीएम मोदी से जुड़े हिस्से पर भी नजर

किताब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रमों का उल्लेख होने की बात सामने आई है। यही वजह है कि इसके संभावित राजनीतिक प्रभाव को लेकर भी चर्चा हो रही है। भाजपा नेताओं की ओर से किताब की सामग्री और प्रकाशक के फैसले पर सवाल उठाए गए हैं।

पेंगुइन ने क्यों खींचे हाथ?

पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने किताब के प्रकाशन से पीछे हटने की पुष्टि की है। रिपोर्टों के अनुसार, प्रकाशक ने कुछ संपादकीय बदलाव सुझाए थे, जिन्हें सोनिया गांधी ने स्वीकार नहीं किया। इसके बाद प्रकाशन समझौता आगे नहीं बढ़ सका। अब अन्य प्रकाशक किताब के भारतीय संस्करण को प्रकाशित करने में रुचि दिखा रहे हैं।

किताब का वैश्विक प्रकाशन 10 नवंबर को प्रस्तावित है। अब नजर इस बात पर है कि भारत में इसे कौन-सा प्रकाशक प्रकाशित करता है और विवादित माने जा रहे हिस्सों को लेकर अंतिम फैसला क्या होता है।

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