नई दिल्ली। शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी का मामला अब देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुंच गया है। उनकी पत्नी गीतांजलि वांगचुक ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर गिरफ्तारी की वैधता पर सवाल उठाए हैं और तत्काल राहत की मांग की है।
याचिका में कहा गया है कि सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। गीतांजलि ने अदालत से अपील की है कि उनके पति को न्याय मिले और उन्हें बिना किसी ठोस सबूत के हिरासत में रखना उचित नहीं है।
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक को हाल ही में लद्दाख में एक प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया था। वह क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, पारिस्थितिकी संतुलन और स्थानीय लोगों के अधिकारों को लेकर लंबे समय से आवाज उठाते रहे हैं। गिरफ्तारी के बाद से ही लद्दाख समेत देशभर में कई संगठनों और बुद्धिजीवियों ने इसका विरोध किया है।
गीतांजलि ने अपनी याचिका में यह भी कहा है कि वांगचुक शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे थे और किसी प्रकार की हिंसा या सार्वजनिक अव्यवस्था में शामिल नहीं थे। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर जल्द सुनवाई की संभावना जताई है। अब नजरें इस पर टिकी हैं कि अदालत क्या रुख अपनाती है और क्या सोनम वांगचुक को राहत मिल पाती है।
सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, पत्नी गीतांजलि ने लगाई गुहार





