अल्मोड़ा: भारतीय सेना के 78वें स्थापना दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज अल्मोड़ा पहुंचे। यहाँ आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में उन्होंने शहीद स्मारकों पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर बलिदानियों को नमन किया। जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश के नागरिक जो शांति, सुरक्षा और सुख-समृद्धि का अनुभव कर रहे हैं, वह केवल सरहद पर तैनात हमारे जांबाज जवानों की अटूट तपस्या और बलिदान की बदौलत है। उन्होंने उत्तराखंड को ‘वीर भूमि’ बताते हुए कहा कि यहाँ का हर परिवार सेना से जुड़ा है और राज्य सरकार सैनिकों व उनके आश्रितों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सीएम के संबोधन की मुख्य बातें: ‘सैनिकों का मनोबल सर्वोपरि’
मुख्यमंत्री धामी ने अपने भाषण में भारतीय सेना के गौरवशाली इतिहास और वर्तमान उपलब्धियों का उल्लेख किया:
- सुरक्षा और समृद्धि का आधार: सीएम ने कहा कि एक सशक्त राष्ट्र तभी प्रगति कर सकता है जब उसकी सीमाएं सुरक्षित हों। हमारे जवान शून्य से नीचे के तापमान और कठिन दुर्गम पहाड़ियों पर पहरा देकर देश की अर्थव्यवस्था और शांति को सुनिश्चित करते हैं।
- वीर भूमि का गौरव: उन्होंने गर्व के साथ कहा कि उत्तराखंड ने देश को महान सेनानायक दिए हैं और आज भी राज्य का हर नौजवान सेना में भर्ती होकर देश सेवा का जज्बा रखता है।
- अटूट विश्वास: मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज की भारतीय सेना ‘न्यू इंडिया’ की पहचान है, जो दुश्मन को उसके घर में घुसकर जवाब देना जानती है।
सैनिकों और उनके परिवारों के लिए बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के हित में सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी:
- शहीद परिवारों का सम्मान: कार्यक्रम के दौरान सीएम धामी ने वीर नारियों और सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
- सैन्य धाम का निर्माण: उन्होंने बताया कि देहरादून में बन रहा ‘सैन्य धाम’ राज्य के पांचवें धाम के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति की प्रेरणा देगा।
- रोजगार और सुविधाएं: राज्य सरकार ने घोषणा की है कि शहीद सैनिकों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया को और सरल बनाया गया है और सैन्य पेंशनभोगियों के लिए जिला स्तर पर सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
अल्मोड़ा से जुड़ाव और सांस्कृतिक महत्व
अल्मोड़ा की धरती से सेना दिवस मनाने का विशेष महत्व है, क्योंकि कुमाऊं रेजीमेंट का केंद्र यहीं स्थित है:
- कुमाऊं रेजीमेंट की वीरता: सीएम ने कुमाऊं रेजीमेंट के पराक्रम को याद करते हुए कहा कि यहाँ की मिट्टी ने मेजर सोमनाथ शर्मा जैसे परमवीर चक्र विजेता दिए हैं, जिन पर पूरे देश को नाज है।
- स्थानीय जनता का उत्साह: कड़ाके की ठंड के बावजूद भारी संख्या में पूर्व सैनिक और स्थानीय लोग मुख्यमंत्री को सुनने पहुंचे। पूरे शहर में सेना दिवस के उपलक्ष्य में देशभक्ति का माहौल नजर आया।
निष्कर्ष: राष्ट्र सेवा का संकल्प
मुख्यमंत्री का यह दौरा न केवल सैनिकों का मनोबल बढ़ाने वाला रहा, बल्कि उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि उत्तराखंड सरकार के लिए ‘सैनिक कल्याण’ केवल एक विभाग नहीं, बल्कि एक प्राथमिकता है। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष के साथ हुआ, जिससे पूरा वातावरण ऊर्जावान हो उठा।





