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सुशीला कार्की: भारत से की पढ़ाई, पति बने नेपाल के ‘हाईजैक हीरो’

काठमांडू। नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश रह चुकीं सुशीला कार्की का जीवन उतना ही प्रेरणादायी है जितना रोचक। विराटनगर के शंकरपुर में 1952 में जन्मी सुशीला किसान परिवार से थीं। सात भाई-बहनों में सबसे बड़ी बेटी होने के बावजूद उन्होंने शिक्षा की ऊँचाइयाँ छुईं।

भारत में पूरी की उच्च शिक्षा

1971 में उन्होंने त्रिभुवन विश्वविद्यालय के महेंद्र मोरंग कैंपस से स्नातक की डिग्री ली। इसके बाद 1975 में वे बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) पहुँचीं और राजनीतिक विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। 1978 में कानून की पढ़ाई पूरी कर सुशीला कार्की ने विराटनगर में ही वकालत की प्रैक्टिस शुरू कर दी।

पति का रोमांचक किस्सा

BHU में ही उनकी मुलाकात नेपाल कांग्रेस के युवा नेता दुर्गा प्रसाद सुबेदी से हुई, जिनसे बाद में उन्होंने विवाह किया। सुबेदी नेपाल कांग्रेस के उन क्रांतिकारियों में शामिल थे जिन्होंने 1970 में तत्कालीन राजशाही शासन के खिलाफ विद्रोह छेड़ा था।

राजा बीरेंद्र शाह के दौर में सशस्त्र आंदोलन के लिए 30 लाख रुपये जुटाने की योजना बनी। इसी दौरान दुर्गा प्रसाद सुबेदी ने रॉयल नेपाल एयरलाइंस के विमान का हाईजैक कर इतिहास रच दिया। इस साहसिक घटना ने उन्हें क्रांतिकारी नायक बना दिया।

किताब में दर्ज हाईजैक की दास्तां

वर्ष 2018 में सुबेदी ने इस घटना पर विमान विद्रोह’ नामक किताब लिखी, जिसमें उस दौर की राजनीतिक हलचल और विमान अपहरण की रोमांचक कहानी दर्ज है।

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