नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एक सोशल मीडिया वीडियो इन दिनों चर्चा के केंद्र में है, जिसे लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उन पर तीखा हमला बोला है। भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने इस वीडियो में दिए गए ममता के बयान को ‘निंदनीय, चिंताजनक और समुदाय-विरोधी’ करार दिया है। पात्रा ने मुख्यमंत्री के लहजे की तुलना एआईएमआईएम (AIMIM) नेता अकबरुद्दीन ओवैसी के पुराने विवादित बयानों से करते हुए इसे बंगाल में हिंसा भड़काने वाला संकेत बताया है।
ममता बनर्जी का कथित विवादित बयान
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मतदाताओं को संबोधित करते हुए कथित तौर पर कह रही हैं:
“क्योंकि मैं मुख्यमंत्री हूं, इसलिए तुम सब सुरक्षित हो। अगर तुम मुझे हटाओगे और भाजपा को वोट दोगे, तो याद रखना कि एक कम्युनिटी (समुदाय) है जो तुम सबको एक सेकंड में खत्म कर देगी। इसलिए, अगर तुम सुरक्षित रहना चाहते हो तो मुझे वोट देते रहो।”
भाजपा का पलटवार: ‘डराकर वोट मांग रही हैं मुख्यमंत्री’
भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संबित पात्रा ने इस वीडियो को लेकर ममता बनर्जी की जमकर घेराबंदी की:
- हिंसा का संकेत: पात्रा ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी अपनी सत्ता बचाने के लिए जनता के मन में भय पैदा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह मान लेना कि एक पूरा समुदाय राज्य से मिटाया जा सकता है, एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए बेहद गंभीर और गैर-जिम्मेदाराना है।
- समुदाय-विरोधी रुख: भाजपा का कहना है कि यह बयान केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए दिया गया है और यह पश्चिम बंगाल में बढ़ती सांप्रदायिक और राजनीतिक हिंसा की हकीकत को दर्शाता है।
ओवैसी से तुलना: ‘वही भाव, बस शब्द अलग’
संबित पात्रा ने ममता बनर्जी के बयान को अकबरुद्दीन ओवैसी के उस विवादित भाषण के समकक्ष बताया जिसमें उन्होंने कथित तौर पर ’15 मिनट’ की बात कही थी।
- ध्रुवीकरण का आरोप: पात्रा ने कहा कि ममता ने बस उसी पुराने भाव को अलग शब्दों में दोहराया है।
- चिंताजनक रुख: भाजपा नेता के अनुसार, इस तरह की बयानबाजी न केवल चिंताजनक है बल्कि पूरी तरह से निंदनीय भी है, क्योंकि यह समाज के ताने-बाने को नुकसान पहुँचाती है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
पश्चिम बंगाल में आगामी राजनीतिक परिस्थितियों और हिंसा की खबरों के बीच इस वीडियो ने आग में घी डालने का काम किया है। जहाँ भाजपा इसे ‘तुष्टीकरण’ और ‘डराने की राजनीति’ बता रही है, वहीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) की ओर से इस वीडियो की प्रामाणिकता और संदर्भ को लेकर स्पष्टीकरण का इंतजार है।





