नई दिल्ली/चेन्नई: तमिल सिनेमा के दिग्गज अभिनेता विजय की फिल्म ‘जन नायकन’ को लेकर चल रहे कानूनी विवाद में आज सुप्रीम कोर्ट से उन्हें बड़ा झटका लगा है। फिल्म के शीर्षक और अन्य कानूनी पहलुओं को लेकर दायर एक विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने किसी भी प्रकार का आदेश जारी करने से मना कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता को सबसे पहले संबंधित उच्च न्यायालय (High Court) का दरवाजा खटखटाना चाहिए। इस फैसले के बाद फिल्म की रिलीज और इसके नाम को लेकर चल रहा संशय और गहरा गया है, जिससे अभिनेता के प्रशंसकों में निराशा देखी जा रही है।
क्या है पूरा विवाद? (फिल्म ‘जन नायकन’ का पेच)
फिल्म को लेकर विवाद मुख्य रूप से इसके शीर्षक और कॉपीराइट के दावों के इर्द-गिर्द घूम रहा है:
- शीर्षक पर दावा: एक अन्य निर्माता ने दावा किया है कि ‘जन नायकन’ शीर्षक उनके पास पहले से पंजीकृत है और विजय की टीम इसका अवैध रूप से उपयोग कर रही है।
- राजनीतिक संदर्भ: फिल्म के नाम ‘जन नायकन’ (जिसका अर्थ ‘जनता का नायक’ है) को विजय की नई राजनीतिक पारी से जोड़कर देखा जा रहा है, जिस पर कुछ सामाजिक संगठनों ने भी आपत्ति जताई थी।
- निचली अदालत का रुख: इससे पहले भी स्थानीय अदालतों में इस मामले को लेकर सुनवाई हुई थी, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी और आदेश
मामले की सुनवाई के दौरान पीठ ने कानूनी प्रक्रिया के पालन पर जोर दिया:
- क्षेत्राधिकार का हवाला: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीधे सर्वोच्च अदालत में ऐसी याचिकाओं पर सुनवाई करना उचित नहीं है जब तक कि निचली अदालतों के सभी विकल्पों का उपयोग न कर लिया गया हो।
- हाईकोर्ट जाने का निर्देश: जस्टिस ने याचिकाकर्ता को अपनी दलीलें मद्रास उच्च न्यायालय के समक्ष रखने का आदेश दिया और मामले को वहां से निपटाने की सलाह दी।
- हस्तक्षेप से इनकार: कोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने या अनुमति देने के संबंध में कोई भी अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया।
विजय की राजनीतिक पारी और फिल्म का महत्व
अभिनेता विजय ने हाल ही में अपनी राजनीतिक पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) की घोषणा की है, जिसके बाद से उनकी हर फिल्म को उनके राजनीतिक भविष्य से जोड़कर देखा जा रहा है:
- प्रभावशाली पटकथा: ‘जन नायकन’ को एक राजनीतिक ड्रामा बताया जा रहा है, जिसे विजय के समर्थकों के बीच काफी उत्सुकता से देखा जा रहा है।
- रणनीतिक रिलीज: फिल्म की रिलीज में कानूनी देरी विजय की राजनीतिक ब्रांडिंग की समयसीमा को प्रभावित कर सकती है।
निष्कर्ष: अब हाईकोर्ट पर टिकी नजरें
सुप्रीम कोर्ट से झटका मिलने के बाद अब विजय की कानूनी टीम जल्द ही हाईकोर्ट में अपील दायर करने की तैयारी कर रही है। फिल्म उद्योग के जानकारों का मानना है कि यदि कानूनी लड़ाई लंबी खिंचती है, तो फिल्म की रिलीज डेट आगे बढ़ सकती है। फिलहाल, सुपरस्टार विजय की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।





