सुकमा (छत्तीसगढ़), ब्यूरो। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में शनिवार (12 जुलाई, 2025) को एक बड़ी कामयाबी के तहत 23 कट्टर नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया। इन पर कुल 1.18 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
सरेंडर करने वालों में तीन दंपति और 11 वरिष्ठ कैडर शामिल हैं, जिनमें से अधिकांश माओवादियों की सबसे मजबूत इकाई पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) बटालियन नंबर 1 से जुड़े रहे हैं।
खोखली विचारधारा और अत्याचारों से तंग आकर छोड़ा नक्सलवाद
सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि नक्सलियों ने सीनियर पुलिस और CRPF अधिकारियों की उपस्थिति में आत्मसमर्पण किया। उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली माओवादी विचारधारा, निर्दोष आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार और संगठन के अंदर के आंतरिक मतभेदों से निराश थे।
इन नक्सलियों पर था इनाम
• 11 नक्सलियों पर 8-8 लाख रुपये का इनाम था – इनमें लोकेश उर्फ पोडियाम भीमा, रमेश उर्फ कलमु केसा, कवासी मासा, मड़कम हूंगा, नुप्पो गंगी आदि शामिल हैं।
• 4 नक्सलियों पर 5-5 लाख, 1 पर 3 लाख और 7 नक्सलियों पर 1-1 लाख रुपये का इनाम था।
बटालियन नंबर 1 की कमजोरी का संकेत
एसपी चव्हाण ने कहा कि इस सरेंडर से यह संकेत मिलता है कि PLGA बटालियन नंबर 1 अब कमजोर हो रही है। सुकमा-बीजापुर सीमा क्षेत्र में चल रहे तेज नक्सल विरोधी अभियानों से माओवादी दबाव में हैं और लगातार मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
सरेंडर करने वाले नक्सली आमदई, जगरगुंडा और केरलपाल क्षेत्रों में सक्रिय थे। सभी को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है।





