सीरिया के दक्षिणी स्वैदा प्रांत में एक बार फिर हालात बिगड़ गए हैं। ड्रूज समुदाय और सीरियाई सुरक्षा बलों के बीच हुआ संघर्ष विराम टूट गया है, जिसके बाद भयानक झड़पों का सिलसिला शुरू हो गया। वहीं, ड्रूजों पर हो रहे हमलों को लेकर इस्राइल ने सीरिया को सख्त चेतावनी दी है।
कैसे शुरू हुई झड़पें?
यूके स्थित मानवाधिकार संगठन सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स के मुताबिक, विवाद की शुरुआत एक ड्रूज सब्जी विक्रेता के अपहरण से हुई, जिसे एक बेदुइन कबीले ने लूट लिया था। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच जवाबी अपहरण और हमलों का दौर शुरू हुआ, जो अब व्यापक संघर्ष में बदल गया है।
बुधवार को सरकारी सुरक्षा बलों और ड्रूज मिलिशिया के बीच फिर झड़प हुई। रिपोर्ट्स में आरोप है कि सुरक्षा बलों ने गैर-न्यायिक हत्याएं, लूटपाट और नागरिक घरों को जलाने जैसी क्रूर कार्रवाइयां कीं।
भीषण हिंसा में अब तक 250 से अधिक मौतें
सीरियन ऑब्जर्वेटरी के अनुसार, बुधवार सुबह तक झड़पों में 250 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें चार बच्चे, पांच महिलाएं, और 138 सीरियाई सैनिक और सुरक्षा बलों के सदस्य शामिल हैं। अन्य रिपोर्टों में कम से कम 30 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की गई है।
सीरियाई सेना का आरोप, संघर्ष विराम का उल्लंघन
सीरिया के रक्षा मंत्रालय ने ड्रूज मिलिशिया पर संघर्ष विराम तोड़ने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सैन्य बल अब भी स्वैदा शहर में “आग के स्रोत” पर जवाबी कार्रवाई कर रहे हैं और निवासियों की सुरक्षा व विस्थापितों की वापसी सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं।
इस्राइल ने दिया कड़ा संदेश
संघर्ष की तीव्रता बढ़ने के साथ ही इस्राइल ने सीरिया की सेना पर हवाई हमले तेज कर दिए हैं। इस्राइली रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज़ ने कहा:
“जब तक सीरियाई शासन की सेना ड्रूज क्षेत्रों से पीछे नहीं हटती, तब तक हम हमले करते रहेंगे। अगर हमारा संदेश नहीं समझा गया, तो प्रतिक्रिया और भी सख्त होगी।”
इस्राइल ड्रूज समुदाय को एक वफादार अल्पसंख्यक मानता है, जो इस्राइली सेना में भी सेवा करते हैं, और उनकी सुरक्षा को लेकर बेहद संवेदनशील है।
सीरिया की प्रतिक्रिया: संप्रभुता का सम्मान करें
सीरिया के विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे सीरिया की संप्रभुता और अखंडता का सम्मान करें, और किसी भी विद्रोही या अलगाववादी ताकतों का समर्थन न करें। साथ ही, सीरियाई नागरिकों से हिंसा बंद कर हथियार डालने की अपील की गई है।
पृष्ठभूमि: असद शासन और इस्राइली रणनीति
असद शासन के कमजोर होने के बाद से इस्राइल ने सीरिया के नए नेतृत्व और गतिविधियों के प्रति आक्रामक रुख अपनाया है। इस्राइल इस्लामी चरमपंथियों को अपनी सीमाओं के करीब नहीं देखना चाहता, और उसने गोलान हाइट्स से लगे बफर जोन पर सैन्य दबाव बनाए रखा है। अब तक सीरिया में सैकड़ों हवाई हमले किए जा चुके हैं।
स्वैदा में भड़की ताजा हिंसा ने सीरिया में जातीय और धार्मिक तनाव को फिर उभार दिया है। ड्रूज समुदाय की सुरक्षा को लेकर इस्राइल के हस्तक्षेप ने क्षेत्रीय तनाव को और जटिल बना दिया है। आने वाले दिनों में हालात और अधिक गंभीर हो सकते हैं, अगर कूटनीतिक समाधान नहीं निकाला गया।





