Tuesday, March 3, 2026

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सीबीआई की पहली बड़ी कार्रवाई, असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन चौहान गिरफ्तार

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय परीक्षा पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पहली गिरफ्तारी करते हुए असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को की गई इस कार्रवाई में सीबीआई ने सुमन को मुख्य आरोपी खालिद के लिए पेपर हल करने के आरोप में पकड़ा। यह गिरफ्तारी मामले की जांच में एक बड़ा मोड़ मानी जा रही है।

गौरतलब है कि दून पुलिस पहले ही इस मामले के मुख्य आरोपी खालिद और उसकी बहन साबिया को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज चुकी है। पूरा मामला 21 सितंबर को हुई स्नातक स्तरीय परीक्षा से जुड़ा है। परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र का एक स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद बेरोजगार संघ ने पेपर लीक का आरोप लगाते हुए मामला उठाया। पुलिस ने रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया और जांच शुरू की।

जांच में सामने आया कि पेपर हरिद्वार जिले के बहादरपुर जट स्थित परीक्षा केंद्र से लीक हुआ था। यहां परीक्षार्थी खालिद ने पहले से छिपाए गए मोबाइल फोन की सहायता से प्रश्नपत्र का फोटो लिया और उसे अपनी बहन साबिया को भेजा। साबिया ने यह पेपर आगे असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन चौहान को भेजा, जिन्होंने खालिद के लिए प्रश्न हल किए थे।

सुमन चौहान टिहरी गढ़वाल के शहीद श्रीमती हंसा धनई राजकीय महाविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थीं। पुलिस ने 22 सितंबर को उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। शुरुआती जांच में यह निष्कर्ष निकला था कि सुमन को यह ज्ञात नहीं था कि भेजा गया प्रश्नपत्र किसी प्रतियोगी परीक्षा से संबंधित है। इस कारण उन्हें जांच में सहयोग के आधार पर छोड़ दिया गया था।

इस बीच, युवाओं ने पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर आठ दिनों तक प्रदर्शन किया। दबाव बढ़ने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं धरनास्थल पहुंचे और सीबीआई जांच की संस्तुति की। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सीबीआई ने 26 अक्टूबर को मामला अपने हाथ में लेते हुए एफआईआर दर्ज की।

अब सीबीआई की प्राथमिक जांच में सामने आया कि सुमन चौहान प्रश्नपत्र लीक के षड्यंत्र में प्रत्यक्ष रूप से शामिल थीं। इसी आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर स्पेशल जज सीबीआई की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। सीबीआई की इस पहली गिरफ्तारी के बाद अब संभावना है कि मामले में और भी खुलासे सामने आ सकते हैं।

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