अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट में भी अब रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत है। ऐसे में जल्द ही सीनेट में पार्टी का नेता चुना जाना है, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने अभी से ही संभावित उम्मीदवारों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है कि वे बिना सीनेट वोट के ही कुछ अहम पदों पर नियुक्तियों का अधिकार उन्हें दें। सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी का नेता चुने जाने की रेस में साउथ डकोटा के सांसद जॉन थून, टेक्सास के सांसद जॉन कार्निन और फ्लोरिडा के रिक स्कॉट का नाम शामिल है। अभी सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के नेता मिच मैक्कोनेल हैं, जो करीब दो दशकों से सीनेट में पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं।
दरअसल डोनाल्ड ट्रंप ऐसा करके अपने शपथ ग्रहण से पहले डेमोक्रेटिक पार्टी के पास मौजूद थोड़ी बहुत ताकत को भी अवरुद्ध करना चाहते हैं। अमेरिकी संविधान के तहत राष्ट्रपति की की तरफ से अहम पदों जैसे कैबिनेट पद और न्यायिक पद पर नियुक्ति के लिए सीनेट की मंजूरी की जरूरत होती है। हालांकि संविधान में ये भी प्रावधान है कि अगर सीनेट लंबे समय तक अवकाश पर है तो फिर राष्ट्रपति सीनेट की मंजूरी के बिना भी अहम पदों पर नियुक्तियां कर सकते हैं। हालांकि साल 2014 के सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले से राष्ट्रपति की ऐसा करने की शक्ति को सीमित कर दिया था। फैसले के अनुसार, सीनेट ने 10 दिनों से अधिक समय तक शहर से बाहर रहने पर संक्षिप्त प्रो-फॉर्मा सत्र आयोजित करने का आदेश दिया ताकि कोई राष्ट्रपति अनुपस्थिति का फायदा न उठा सके और उन पदों को भरना शुरू न कर सके जिनकी मंजूरी नहीं दी गई है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर साझा नए पोस्ट में लिखा है कि वह चाहते हैं कि सीनेट से मंजूरी के बिना ही उन्हें लोगों को नियुक्त करने की सुविधा मिले। अभी तक डोनाल्ड ट्रंप की नई सरकार में सिर्फ एक नाम की पुष्टि हुई है और वो है सूजी विलेस का। सूजी विलेस को चीफ ऑफ स्टाफ के पद पर नियुक्ति दी जाएगी। ट्रंप ने निकी हेली और पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पियो को अपने मंत्रिमंडल से बाहर रखने की पुष्टि की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में कमला हैरिस की हार के बाद अमेरिका के भारतवंशी सांसद ने डेमोक्रेटिक पार्टी को सलाह दी है कि उन्हें लोगों की आर्थिक दिक्कतों पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने एलन मस्क पर भी कटाक्ष किया और कहा कि एलन मस्क को यह याद रखने की जरूरत है कि उन्हें फंडिंग बराक ओबामा के कार्यकाल में मिली थी। अमेरिका के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स में सिलिकॉन वैली का प्रतिनिधत्व करने वाले सांसद रो खन्ना ने ये बात कही।
रो खन्ना ने कहा कि ‘हमें नई फैक्ट्रियां बनाने, न्यूनतम वेतन बढ़ाने में मदद करने, बच्चों की देखभाल पर ध्यान देने की जरूरत है ताकि हम लोगों को यह बता सकें कि हमारी पार्टी का लोगों के लिए आर्थिक दृष्टिकोण ज्यादा बेहतर है। रो खन्ना ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में कमला हैरिस की हार को स्वीकार करते हुए माना कि हमारे पास आकर्षक दृष्टिकोण नहीं था। डेमोक्रेटिक पार्टी को लोगों की आर्थिक दिक्कतों को दूर करने पर फोकस करना चाहिए और न केवल कामकाजी वर्ग के लिए बल्कि उन परिवारों के लिए भी जो अपने आप को असहाय और पिछड़ा हुआ महसूस करते हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी के मजबूत पक्ष के बारे में बात करते हुए रो खन्ना ने कहा कि ‘मुझे लगता है कि हमारी पार्टी उदारवादियों और प्रगतिवादियों को एकजुट कर सकती है। नस्ल से परे लैटिन, अश्वेत, श्वेत, कामकाजी वर्ग के मतदाताओं को एक साथ ला सकती है और इस मामले में हमारे पास डोनाल्ड ट्रंप से बेहतर दृष्टिकोण है।’ रो खन्ना ने कहा कि सिलिकॉन वैली में सिर्फ 20-30 प्रतिशत लोगों ने ही डोनाल्ड ट्रम्प का समर्थन किया।
रो खन्ना ने कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी को एलन मस्क को यह याद दिलाने की जरूरत है कि टेस्ला को राष्ट्रपति ओबामा के कार्यकाल में ही फंडिंग मिली थी। स्पेसएक्स की शुरुआत इसलिए हुई क्योंकि राष्ट्रपति ओबामा के कार्यकाल में ऐश कार्टर ने एलन मस्क को फंडिंग दिलाने में मदद की। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति चुनाव में एलन मस्क ने खुलकर डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन किया था। डेमोक्रेट्स वह पार्टी है जिसने सिलिकॉन वैली के निर्माण में मदद करने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी में निवेश किया है, और हम वह पार्टी हो सकते हैं जो देश के विभिन्न हिस्सों में AI रोबोटिक्स, नई फैक्ट्रियों का निर्माण, नए उद्योगों का निर्माण करने में मदद करें। अगर हम आधुनिक अर्थव्यवस्था में अमेरिकियों को कैसे समृद्ध किया जाए, इस पर ध्यान केंद्रित करें तो मुझे विश्वास है कि हम 2028 में फिर से बहुमत हासिल करेंगे।





