देहरादून। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 पर दर्ज होने वाली जन शिकायतों में अब रसोई गैस सिलिंडर रिफिल से जुड़ी समस्याएं भी प्रमुख मुद्दों में शामिल हो गई हैं। पहली बार एलपीजी सिलिंडर रिफिल की शिकायतें हेल्पलाइन की टॉप-10 समस्याओं की सूची में पहुंची हैं। जिलेवार आंकड़ों में रुद्रप्रयाग से सबसे अधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान सामने आया कि प्रदेशभर से बड़ी संख्या में लोग घरेलू गैस सिलिंडर की बुकिंग, समय पर आपूर्ति और रिफिल से संबंधित परेशानियों को लेकर शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। अधिकारियों को इन शिकायतों के जल्द निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन से जुड़ी समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन पर आने वाली प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में बताया गया कि 18 अप्रैल से 28 जुलाई 2026 तक मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 पर कुल 67,843 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें 20,461 शिकायतों का पूर्ण समाधान किया जा चुका है, जबकि 31,363 शिकायतों का आंशिक निस्तारण हुआ है। इसके अलावा 7,404 शिकायतें प्रक्रियाधीन और 4,061 शिकायतें लंबित हैं।
अधिकारियों के अनुसार, एलपीजी रिफिल से जुड़ी शिकायतों के बढ़ने के पीछे दूरदराज के पर्वतीय क्षेत्रों में आपूर्ति और वितरण व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं प्रमुख कारण हो सकती हैं। प्रशासन ने संबंधित विभागों और एजेंसियों को ऐसी शिकायतों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान शिकायतकर्ताओं से फोन पर बातचीत कर समस्याओं के समाधान की स्थिति भी जानी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन शिकायतों का समाधान निर्धारित समय सीमा में नहीं हो पा रहा है, उनकी नियमित निगरानी की जाए और जिम्मेदारी तय की जाए।
सीएम हेल्पलाइन के आंकड़ों के अनुसार, पेयजल और जल जीवन मिशन से जुड़ी शिकायतें भी बड़ी संख्या में सामने आई हैं। मुख्यमंत्री ने इन मामलों पर नाराजगी जताते हुए एक सप्ताह के भीतर प्रभावी समाधान के निर्देश दिए हैं।
सरकार का कहना है कि हेल्पलाइन व्यवस्था का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। अब एलपीजी सिलिंडर रिफिल जैसी रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी शिकायतों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि लोगों को समय पर राहत मिल सके।





