यूरोप। पिछले कुछ दिनों से यूरोप के कई प्रमुख हवाई अड्डे भारी साइबर अटैक की चपेट में हैं और अब तक इस संकट से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं। यह हमला चार दिन से जारी है और प्रभावित हवाई अड्डों पर चेक-इन, सुरक्षा जांच और उड़ानों का संचालन अभी भी बाधित है।
एयरपोर्ट परिचालन ठप
साइबर अटैक के कारण यात्रियों की जानकारी और उड़ानों की बुकिंग सिस्टम प्रभावित हुई है। कई प्रमुख एयरलाइंस ने उड़ानों को स्थगित किया या रूट बदलने की सलाह दी। प्रभावित हवाई अड्डों में लंबी कतारें और टर्मिनल में भारी भीड़ देखी गई। यात्रियों को सुरक्षा और सुविधा के लिए वैकल्पिक मार्गों और बस सेवाओं का सहारा लेना पड़ा।
विशेषज्ञों ने चेताया
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला एविएशन सॉफ्टवेयर और नेटवर्क सिस्टम को निशाना बना कर किया गया है। उन्होंने आगाह किया कि अगर अटैक का स्रोत जल्द नियंत्रित नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में और अधिक उड़ानों में देरी या रद्दीकरण हो सकता है।
एयरलाइंस और प्रशासन की स्थिति
अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस संघ और प्रभावित देशों के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने आपात बैठक कर साइबर सुरक्षा उपायों को कड़ा करने और बैकअप सिस्टम सक्रिय करने की योजना बनाई है। एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों से सूचनाओं की अद्यतन स्थिति के लिए वेबसाइट और मोबाइल एप्स पर नजर रखने का आग्रह किया है।
यात्रियों की परेशानी
यात्रियों को लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ा, सुरक्षा जांच में देरी हुई और कई उड़ानें रद्द या विलंबित रहीं। व्यवसायिक यात्रियों और छुट्टी मनाने जा रहे यात्रियों दोनों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
साइबर हमले के प्रभाव से यूरोप के हवाई अड्डों पर चार दिन तक परिचालन प्रभावित रहने से यह स्पष्ट होता है कि आधुनिक हवाई अड्डों की सुरक्षा में साइबर सुरक्षा का महत्व कितनी तेजी से बढ़ गया है।





