नई दिल्ली/देहरादून। उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपरा का प्रतीक पर्व इगास (बग्वाल) इस बार राष्ट्रीय राजधानी में भी उत्साह के साथ मनाया गया। उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी के आमंत्रण पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को इगास पर्व में शामिल होकर पर्व की खुशियां साझा कीं। दिल्ली में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में दोनों नेताओं ने परंपरागत रीति से ‘भैलो’ खेल में भाग लिया और प्रदेश की लोक संस्कृति का सम्मान किया।
इस अवसर पर गृह मंत्री शाह ने उत्तराखंडवासियों को पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति देश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का अमूल्य हिस्सा है। उन्होंने कहा, “इगास पर्व केवल परंपरा नहीं, बल्कि पर्वतीय समाज की एकता, सहकार और आस्था का प्रतीक है। उत्तराखंड की संस्कृति ने हमेशा देश को प्रेरित किया है।”
सांसद अनिल बलूनी ने गृह मंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नेतृत्व के सहयोग से आज उत्तराखंड अपनी पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि इगास जैसे लोक पर्व हमारे अस्तित्व और परंपरा की जड़ों से हमें जोड़े रखते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने पारंपरिक परिधान पहनकर ‘भैलो’ खेल का आनंद लिया। ढोल-दमाऊं की थाप पर लोकगीतों और नृत्य के माध्यम से इगास की खुशियां मनाई गईं। गृह मंत्री शाह ने स्थानीय व्यंजनों का स्वाद भी लिया और उत्तराखंडी समुदाय के सदस्यों के साथ आत्मीयता से बातचीत की।
इधर उत्तराखंड के विभिन्न जिलों — टिहरी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, चमोली, देहरादून और अल्मोड़ा में भी इगास का उत्सव पूरे उल्लास के साथ मनाया गया। ग्रामीण इलाकों में रातभर पारंपरिक ‘भैलो’ खेल और लोकगीतों की गूंज रही। घरों और मंदिरों में दीप सजाए गए और लोग अपने परिजनों के साथ पर्व की खुशियां बांटते नजर आए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी प्रदेशवासियों को इगास पर्व की शुभकामनाएं दीं और कहा कि “यह पर्व उत्तराखंड की समृद्ध परंपरा, आपसी प्रेम और लोक संस्कृति का प्रतीक है, जिसे हमें आने वाली पीढ़ियों तक सहेजकर पहुंचाना है।”





