काबुल/इस्लामाबाद: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमावर्ती तनाव एक विनाशकारी मोड़ पर पहुँच गया है। ताजा खबरों के अनुसार, तालिबान नियंत्रित अफगान सुरक्षा बलों ने दावा किया है कि उन्होंने सीमा उल्लंघन कर रहे पाकिस्तान वायुसेना के एक F-16 लड़ाकू विमान को मार गिराया है। बताया जा रहा है कि यह विमान सीमा के पास अफगान हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ था, जिसे तालिबान की एंटी-एयरक्राफ्ट यूनिट ने निशाना बनाकर सरहद पर ही नेस्तनाबूद कर दिया। इस घटना ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर और शहबाज शरीफ सरकार की नींद उड़ा दी है, क्योंकि दशकों बाद दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष इस कदर घातक स्तर पर पहुँचा है।
कैसे हुआ हादसा? सरहद पर बारूद की गूँज
सीमावर्ती सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से डूरंड रेखा (Durand Line) पर दोनों देशों के बीच गोलाबारी जारी थी:
- हवाई क्षेत्र का उल्लंघन: तालिबान का आरोप है कि पाकिस्तानी लड़ाकू विमान पिछले कई घंटों से अफगान सीमा के भीतर टोह ले रहे थे और हवाई हमले की फिराक में थे।
- सटीक निशाना: जैसे ही पाकिस्तानी फाइटर जेट ने अफगान हवाई क्षेत्र की गहराई में प्रवेश किया, तालिबान की रक्षा इकाई ने जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल या भारी तोपखाने से उस पर हमला कर दिया। विमान जलता हुआ सीमा के पास ही गिरकर तबाह हो गया।
- पायलट की स्थिति: विमान के मलबे और पायलट की स्थिति को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अफगान सोशल मीडिया पर विमान के मलबे जैसे दिखने वाले वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहे हैं।
जनरल असीम मुनीर की बढ़ी मुश्किलें
इस घटना ने पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व (Rawalpindi) को गहरे सदमे में डाल दिया है:
- प्रतिष्ठा को चोट: F-16 को पाकिस्तान की वायु शक्ति का गौरव माना जाता है। तालिबान जैसे गैर-पारंपरिक बल द्वारा इसे गिराया जाना पाकिस्तानी सेना की रणनीतिक साख के लिए बड़ा झटका है।
- दो मोर्चों पर तनाव: एक तरफ आंतरिक राजनीतिक अस्थिरता और दूसरी तरफ तालिबान के साथ सीधा सैन्य टकराव जनरल मुनीर के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
- तालिबान का कड़ा रुख: तालिबान के प्रवक्ता ने चेतावनी दी है कि यदि पाकिस्तान ने अपनी ‘आक्रामक नीतियों’ को बंद नहीं किया, तो अफगान सेना अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएगी।
तनाव की मुख्य वजह: डूरंड रेखा और आतंकी ठिकाने
दोनों देशों के बीच हालिया विवाद की जड़ें काफी गहरी हैं:
- TTP का मुद्दा: पाकिस्तान का दावा है कि ‘तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान’ (TTP) के आतंकी अफगान धरती का इस्तेमाल कर पाकिस्तान पर हमले कर रहे हैं।
- अफगान पलटवार: तालिबान इन आरोपों को सिरे से खारिज करता रहा है। उनका कहना है कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक विफलताओं का दोष अफगानिस्तान पर मढ़ने के लिए सीमा पर उकसावे वाली कार्रवाई कर रहा है।




