नागपुर। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण को लेकर चल रहा विवाद आखिरकार सुलझता नजर आ रहा है। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज्य सरकार से बातचीत के बाद नागपुर में पिछले कई दिनों से जारी ओबीसी कार्यकर्ताओं का आंदोलन गुरुवार को समाप्त हो गया। सरकार ने कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी और ओबीसी समुदाय के हक से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा।
नागपुर में ओबीसी समाज के प्रतिनिधि आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर धरना देकर आंदोलनरत थे। उनकी मुख्य मांग थी कि ओबीसी वर्ग के आरक्षण पर किसी भी तरह की आंच न आने पाए और इसे सुरक्षित रखा जाए। कार्यकर्ताओं ने सरकार से स्पष्ट रोडमैप की मांग की थी, जिससे भविष्य में आरक्षण को लेकर कोई संकट न खड़ा हो।
बुधवार देर रात हुई बैठक में ओबीसी संगठनों और सरकार के बीच लंबी चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार ओबीसी समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी परिस्थिति में उनके आरक्षण को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी कानूनी और प्रशासनिक उपाय किए जाएंगे ताकि ओबीसी समाज का भरोसा कायम रहे।
फडणवीस के आश्वासन के बाद आंदोलनकारी नेताओं ने धरना खत्म करने की घोषणा की। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे सरकार की कार्रवाइयों पर नजर बनाए रखेंगे और यदि वादों को समय पर पूरा नहीं किया गया तो फिर से आंदोलन तेज किया जाएगा।
धरना स्थल पर आंदोलन समाप्त होने की घोषणा के बाद कार्यकर्ताओं ने खुशी जाहिर की और कहा कि वे सरकार की नीयत पर भरोसा करते हैं, लेकिन साथ ही सतर्क भी रहेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महाराष्ट्र में ओबीसी आरक्षण का मुद्दा बेहद संवेदनशील है और इसे लेकर बार-बार विवाद खड़ा होता रहा है। ऐसे में सरकार और ओबीसी संगठनों के बीच संवाद और समझौता राज्य की राजनीतिक स्थिरता के लिए अहम साबित हो सकता है।
सरकार से आश्वासन मिलने के बाद नागपुर में कार्यकर्ताओं ने समाप्त किया धरना





