Tuesday, March 3, 2026

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सबरीमला सोना चोरी मामला: “श्रद्धालुओं का भरोसा बहाल करेंगे” — टीडीबी के नए अध्यक्ष के. जयकुमार का आश्वासन

सबरीमला मंदिर में सोने की चोरी के बाद उठे विवाद के बीच त्रावणकोर देवासम बोर्ड (TDB) के नए अध्यक्ष के. जयकुमार ने शनिवार को पदभार संभालते ही पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने दो साल के अपने कार्यकाल की शुरुआत में कहा कि बोर्ड का प्रशासनिक पैनल श्रद्धालुओं के टूटे भरोसे को फिर से मजबूत करने के लिए कड़े और ठोस कदम उठाएगा।

“श्रद्धालुओं के भरोसे में दरार आई है, इसे ठीक करना ही पहला लक्ष्य”

पद की शपथ लेने के बाद जयकुमार ने स्वीकार किया कि हाल के दिनों में आई खबरों ने भक्तों की आस्था को झकझोर दिया है। उन्होंने कहा,
“यह सच है कि विश्वास की कमी है। हर दिन आने वाली खबरें भक्तों के मन को गहरा दुख पहुंचाती हैं। यह भरोसा कैसे टूटा, यह हम सब जानते हैं—क्योंकि कुछ अनुचित गतिविधियाँ हो रही थीं। इन्हें रोकना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है।”

उन्होंने कहा कि बोर्ड के प्रशासन में किसी भी तरह की गड़बड़ी या अनुचित गतिविधि को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बोर्ड को ऐसे निर्णय लेने होंगे जो पूरी तरह से पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन पर आधारित हों।

सबरीमला सोना चोरी प्रकरण पर सख्त रुख

सबरीमला मंदिर से सोना चोरी के ताजा मामले ने पूरे राज्य में आक्रोश और सवाल खड़े किए हैं। इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए जयकुमार ने कहा कि श्रद्धालुओं के विश्वास को ठेस पहुंचाने वाली ऐसी किसी भी गतिविधि पर तुरंत और निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि बोर्ड न केवल जांच और निगरानी को मजबूत करेगा, बल्कि मंदिर प्रशासन में तकनीकी और सुरक्षा सुधार भी लागू किए जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

आगामी मंडलम-मकरविलक्कु तीर्थयात्रा की तैयारियों का निरीक्षण

17 नवंबर से शुरू होने वाली मंडलम-मकरविलक्कु तीर्थयात्रा को ध्यान में रखते हुए जयकुमार ने कहा कि वह रविवार को खुद सबरीमला मंदिर का दौरा करेंगे।
उन्होंने कहा,
“तैयारियों की समीक्षा की जाएगी, अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भक्तों को केवल सही और उचित सुविधाएं ही प्रदान हों।”

पारदर्शी प्रशासन देने का वादा

जयकुमार ने कहा कि वे टीडीबी के कामकाज को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि बोर्ड को भक्तों के प्रति अपनी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी को नए सिरे से परिभाषित करना होगा।

उन्होंने कहा कि उनका अनुभव—एक वर्ष तक सबरीमला में देवासम के विशेष आयुक्त के रूप में सेवा और सेवानिवृत्ति से पहले केरल के मुख्य सचिव जैसे शीर्ष पद का कार्यभार—उन्हें इस चुनौती से निपटने की क्षमता देता है।

बोर्ड में नया गठन, बड़ा दायित्व

के. जयकुमार के साथ ही वरिष्ठ CPI नेता और पूर्व मंत्री के. राजू ने बोर्ड सदस्य के तौर पर शपथ ली। बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष पी.एस. प्रशांत का कार्यकाल समाप्त होने के बाद जयकुमार को नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। सरकार ने उन्हें ऐसे समय पर जिम्मेदारी सौंपी है जब सबरीमला सोना चोरी विवाद ने टीडीबी की छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

त्रावणकोर देवासम बोर्ड के अधीन सबरीमला सहित सैकड़ों मंदिर आते हैं, ऐसे में जयकुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक बदलाव और सुधारों पर अब सभी की नजरें हैं।

जयकुमार ने आश्वस्त किया कि बोर्ड का उद्देश्य सिर्फ मंदिरों का प्रबंधन भर नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के विश्वास की रक्षा और पुनर्निर्माण होगा—और इसके लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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