नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के दूसरे दिन, आज यानी 10 मार्च 2026 को लोकसभा में भारी राजनीतिक घमासान होने के आसार हैं। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (INDIA) द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर आज दोपहर 12 बजे से चर्चा शुरू होने वाली है। इस महत्वपूर्ण बहस का समापन गृह मंत्री अमित शाह के संबोधन के साथ होने की संभावना है, जो सरकार की ओर से विपक्ष के आरोपों का करारा जवाब देंगे।
विपक्ष के आरोपों का पुलिंदा और अविश्वास प्रस्ताव
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने लोकसभा अध्यक्ष पर ‘पक्षपातपूर्ण’ रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है। इस प्रस्ताव की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- प्रस्ताव के प्रस्तावक: यह प्रस्ताव तीन कांग्रेस सांसदों— मोहम्मद जावेद, के. सुरेश और मल्लु रवि द्वारा पेश किया गया है, जिसे करीब 118 विपक्षी सदस्यों का समर्थन प्राप्त है।
- प्रमुख आरोप: विपक्ष का आरोप है कि अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया।
- महिला सांसदों का अपमान: प्रस्ताव में यह भी दावा किया गया है कि अध्यक्ष ने विपक्षी महिला सांसदों के खिलाफ अनुचित टिप्पणियां कीं और लोक महत्व के मुद्दे उठाने वाले सदस्यों को बिना ठोस आधार के निलंबित किया।
संसदीय प्रक्रिया और ओम बिरला की स्थिति
संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करते हुए, अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस मिलने के बाद से ही ओम बिरला ने सदन की अध्यक्षता से खुद को अलग कर लिया है:
- अनुच्छेद 96 का पालन: संविधान के अनुच्छेद 96 के तहत, जब अध्यक्ष को हटाने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा हो, तो वह सदन की अध्यक्षता नहीं कर सकते।
- साधारण सदस्य के रूप में उपस्थिति: आज चर्चा के दौरान ओम बिरला सदन में मौजूद रहेंगे, लेकिन वे अध्यक्ष की कुर्सी के बजाय सत्ता पक्ष की अग्रिम पंक्तियों में बैठेंगे। उन्हें इस चर्चा में अपना बचाव करने और मतदान करने का अधिकार होगा।
- कार्यवाही का संचालन: आज सदन की कार्यवाही का संचालन उपाध्यक्ष या पीठासीन अधिकारियों के पैनल के किसी सदस्य द्वारा किया जाएगा।
सरकार की रणनीति और अमित शाह का मोर्चा
बीजेपी और एनडीए (NDA) ने इस प्रस्ताव को खारिज करने और विपक्ष को मात देने के लिए पुख्ता रणनीति तैयार की है:
- अमित शाह का जवाब: सूत्रों के अनुसार, बहस के अंत में गृह मंत्री अमित शाह सरकार का पक्ष रखेंगे। वे अध्यक्ष की निष्पक्षता का बचाव करेंगे और विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगा सकते हैं।
- किरेन रिजिजू की भूमिका: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सरकार की ओर से चर्चा की शुरुआत कर सकते हैं।
- बीजेपी का व्हिप: बीजेपी ने अपने सभी सांसदों के लिए तीन दिवसीय ‘व्हिप’ जारी किया है, जिसमें उन्हें अनिवार्य रूप से सदन में उपस्थित रहने और सरकार के पक्ष में मतदान करने का निर्देश दिया गया है।
संख्या बल और परिणाम की संभावना
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रस्ताव के पारित होने की संभावना न के बराबर है, क्योंकि एनडीए के पास लोकसभा में स्पष्ट बहुमत है:
- साधारण बहुमत की जरूरत: अध्यक्ष को हटाने के लिए सदन में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के साधारण बहुमत की आवश्यकता होती है।
विपक्ष की एकजुटता पर सवाल: कुछ रिपोर्टों के अनुसार, ‘इंडिया’ ब्लॉक के भीतर इस प्रस्ताव को लेकर अंतिम समय में कुछ हिचकिचाहट भी देखी गई है, जबकि एनडीए पूरी तरह एकजुट नजर आ रहा है।





