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संसद बजट सत्र LIVE: पश्चिम एशिया संकट पर राज्यसभा में प्रधानमंत्री का संबोधन; सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास पर सरकार ने दिया जवाब

नई दिल्ली (24 मार्च, 2026):संसद के बजट सत्र के दौरान आज सदन की कार्यवाही बेहद महत्वपूर्ण रही, जिसमें केंद्र सरकार ने वैश्विक तनाव और आंतरिक सुरक्षा दोनों मोर्चों पर अपना रुख स्पष्ट किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राज्यसभा में पश्चिम एशिया (ईरान बनाम अमेरिका-इजरायल) में उपजे युद्ध जैसे हालात पर देश को संबोधित किया और भारत की कूटनीतिक स्थिति को साफ किया। इससे पूर्व, लोकसभा में सरकार की ओर से केंद्र शासित प्रदेशों और देश के सीमावर्ती इलाकों के बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर विस्तृत जवाब पेश किया गया। प्रधानमंत्री के संबोधन के दौरान पूरा सदन बेहद गंभीर नजर आया, क्योंकि यह वैश्विक संकट भारत की ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक हितों से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है।

पश्चिम एशिया संकट: राज्यसभा में पीएम मोदी का कड़ा और स्पष्ट संदेश

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते टकराव पर प्रधानमंत्री ने सरकार का दृष्टिकोण साझा किया:

  • शांति की अपील: प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हमेशा से बातचीत और कूटनीति के माध्यम से विवादों के समाधान का पक्षधर रहा है। उन्होंने क्षेत्र में तत्काल युद्धविराम और शांति बहाली की आवश्यकता पर जोर दिया।
  • भारतीय हितों की रक्षा: पीएम ने राज्यसभा को आश्वस्त किया कि खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लाखों भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति के लिए ‘इवेक्यूएशन प्लान’ तैयार रखा गया है।
  • वैश्विक संतुलन: प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत किसी भी पक्ष का अंधा समर्थन करने के बजाय वैश्विक शांति और स्थिरता के आधार पर अपने रणनीतिक फैसले ले रहा है।

विकास की बयार: केंद्र शासित प्रदेशों और सीमावर्ती इलाकों का रोडमैप

सदन में सरकार ने देश के आंतरिक विकास और विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों को लेकर अपना जवाब दाखिल किया:

  1. सीमावर्ती विकास: सरकार ने बताया कि ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के तहत चीन और पाकिस्तान की सीमाओं से सटे गांवों में सड़कों, पुलों और इंटरनेट कनेक्टिविटी का जाल बिछाया जा रहा है ताकि वहां से पलायन रोका जा सके।
  2. केंद्र शासित प्रदेशों की प्रगति: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और अन्य केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही विकास परियोजनाओं का ब्यौरा देते हुए सरकार ने कहा कि इन क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए रिकॉर्ड निवेश किया गया है।

सामरिक सुरक्षा: सदन को अवगत कराया गया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास केवल नागरिक सुविधा के लिए नहीं, बल्कि सेना की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए भी अनिवार्य है।

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