Tuesday, January 6, 2026

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संदेशखाली में फिर भड़की हिंसा: TMC कार्यकर्ता को पकड़ने गई पुलिस टीम पर भारी भीड़ का हमला, 6 जवान जख्मी

संदेशखाली (पश्चिम बंगाल): पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले का संदेशखाली क्षेत्र एक बार फिर हिंसा और तनाव की चपेट में है। शनिवार को एक तृणमूल कांग्रेस (TMC) कार्यकर्ता को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम पर स्थानीय लोगों की भीड़ ने अचानक हिंसक हमला बोल दिया। इस झड़प में एक महिला पुलिसकर्मी सहित कुल छह जवान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

घटना का क्रम: कैसे शुरू हुआ विवाद

  • देर रात की छापेमारी: पुलिस की एक विशेष टीम संदेशखाली के एक गांव में एक वांछित टीएमसी कार्यकर्ता को गिरफ्तार करने के उद्देश्य से पहुंची थी, जिस पर पिछले कुछ महीनों से कई आपराधिक मामले दर्ज थे।
  • भीड़ ने घेरा: जैसे ही पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेने की कोशिश की, गांव की महिलाओं और पुरुषों की एक बड़ी भीड़ वहां जमा हो गई। भीड़ ने पुलिस वाहनों का रास्ता रोक दिया और आरोपी को छोड़ने की मांग करने लगे।
  • अचानक पथराव और लाठीचार्ज: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। भीड़ ने लाठी-डंडों से पुलिसकर्मियों पर हमला किया, जिससे जवानों को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा।

हताहत और सुरक्षा स्थिति

  1. जख्मी पुलिसकर्मी: हमले में घायल छह जवानों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, दो जवानों को सिर में गहरी चोटें आई हैं, जबकि अन्य की हालत फिलहाल स्थिर है।
  2. अतिरिक्त बल की तैनाती: हमले की खबर मिलते ही जिला मुख्यालय से भारी संख्या में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और अतिरिक्त पुलिस बल को संदेशखाली भेजा गया। पुलिस ने इलाके में फ्लैग मार्च किया है।
  3. तलाशी अभियान: पुलिस पर हमला करने वालों की पहचान करने के लिए ड्रोन कैमरों की मदद ली जा रही है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप

इस घटना ने राज्य की सियासत को एक बार फिर गर्मा दिया है:

  • भाजपा का रुख: भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि संदेशखाली में पुलिस सुरक्षित नहीं है क्योंकि सत्ताधारी दल के गुंडों को संरक्षण प्राप्त है।
  • TMC की प्रतिक्रिया: तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने दावा किया है कि पुलिस की कार्रवाई उकसावे वाली थी और स्थानीय लोगों के गुस्से के पीछे भाजपा की साजिश है।

प्रशासन की कार्रवाई

बसीरहाट पुलिस जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए एक नई एफआईआर दर्ज की गई है। सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस बल पर जानलेवा हमला करने के आरोप में अब तक कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।

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