तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर राज्य के 14 मछुआरों को श्रीलंका की तरफ से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है। इस दौरान सीएम स्टालिन ने विदेश मंत्री से सभी मछुआरों और उनकी नावों की तत्काल रिहाई के लिए कदम उठाने की मांग की और द्वीप राष्ट्र की तरफ से उन पर लगाए गए भारी जुर्माने को माफ करवाने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि श्रीलंका के अधिकारियों की भारतीय मछुआरों को पकड़े जाने की घटनाओं में चिंताजनक बढ़ोत्तरी हुई है। उन्होंने 7 सितंबर को पुदुक्कोट्टई जिले से 14 मछुआरों की गिरफ्तारी और उनकी तीन मशीनीकृत मछली पकड़ने वाली नावों को जब्त करने की ओर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया। सीएम स्टालिन ने कहा कि अकेले इस साल (7 सितंबर, 2024 तक) श्रीलंकाई नौसेना ने 350 मछुआरों और 49 मछली पकड़ने वाली नावों को पकड़ा है, जो पिछले छह वर्षों में सबसे अधिक है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर को लिखे अपने पत्र में, सीएम स्टालिन ने उनसे श्रीलंका की हिरासत में सभी मछुआरों और उनकी नावों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए ‘तत्काल और ठोस कूटनीतिक प्रयास’ करने का आग्रह किया।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर देते हुए कि श्रीलंका की अदालतें मछुआरों पर भारी जुर्माना लगा रही हैं, जो उनकी क्षमता से कहीं अधिक है, उन्होंने मछुआरों पर लगाए गए जुर्माने को माफ करवाने के लिए केंद्र से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया। वहीं अपने पिछले पत्र में, सीएम ने कहा कि उन्होंने पहले ही उल्लेख किया था कि दंड जैसे पहलुओं के कारण मछुआरों को अनिवार्य रूप से लंबे समय तक कारावास और उनके परिवारों के लिए संकट का सामना करना पड़ेगा।