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श्रीनगर (उत्तराखंड): चैत्र नवरात्र में आस्था का अनोखा रूप, माँ धारी देवी को समर्पित दिव्यांग बाबा नारायण गिरी की अनूठी साधना खींच रही सबका ध्यान; सिर पर उगाई है हरियाली

श्रीनगर (पौड़ी गढ़वाल), 23 मार्च, 2026: चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर उत्तराखंड के श्रीनगर स्थित प्रसिद्ध धारी देवी मंदिर में आस्था और भक्ति का एक अत्यंत दुर्लभ व अनोखा स्वरूप देखने को मिल रहा है। इन दिनों मंदिर परिसर में ग्वालियर निवासी और जूना अखाड़े से संबद्ध दिव्यांग बाबा नारायण गिरी की विशेष साधना श्रद्धालुओं के बीच गहन चर्चा और कौतूहल का विषय बनी हुई है। पिछले कुछ वर्षों से माँ धारी देवी के आंचल में प्रवास कर रहे बाबा नारायण गिरी अपनी अनूठी और कठिन भक्ति पद्धति के कारण न केवल स्थानीय निवासियों, बल्कि दूर-दूर से आने वाले तीर्थयात्रियों का ध्यान भी अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं।

चैत्र नवरात्र: माँ धारी देवी की महिमा और बाबा की साधना

चैत्र नवरात्र के दौरान धारी देवी मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता है, लेकिन इस बार बाबा नारायण गिरी की साधना ने सभी को अचंभित कर दिया है:

  • अनूठी साधना: बाबा नारायण गिरी ने माँ धारी देवी को समर्पित अपनी अनूठी साधना के तहत अपने सिर पर हरियाली (ज्वारे) उगाई है। उन्होंने एक विशेष मिट्टी और बीजों का उपयोग करके अपने सिर पर एक छोटा सा बगीचा तैयार किया है, जिसमें हरे-भरे ज्वारे लहलहा रहे हैं।
  • भक्ति और संयम: बाबा नारायण गिरी इस कठिन साधना को अत्यंत संयम और भक्ति के साथ निभा रहे हैं। वे दिन भर माँ धारी देवी की पूजा-अर्चना में लीन रहते हैं और केवल फलाहार ग्रहण करते हैं। उनकी इस साधना को माँ धारी देवी के प्रति उनके अगाध विश्वास और समर्पण का प्रतीक माना जा रहा है।

ग्वालियर से धारी देवी: बाबा नारायण गिरी का सफर

बाबा नारायण गिरी का जन्म ग्वालियर में हुआ था और वे बचपन से ही दिव्यांग (मूक-बधिर) हैं। हालांकि, उनकी दिव्यांगता ने उनकी भक्ति और आध्यात्मिक खोज में कभी बाधा नहीं डाली:

  1. जूना अखाड़े से संबद्ध: बाबा नारायण गिरी जूना अखाड़े से संबद्ध हैं और उन्होंने हरिद्वार कुंभ मेले के दौरान संन्यास दीक्षा ग्रहण की थी। वे एक अनुभवी और सम्मानित नागा साधु माने जाते हैं।
  2. धारी देवी प्रवास: पिछले कुछ वर्षों से बाबा नारायण गिरी श्रीनगर स्थित धारी देवी मंदिर में प्रवास कर रहे हैं। उन्होंने माँ धारी देवी को अपना सब कुछ समर्पित कर दिया है और वे मंदिर परिसर में ही एक छोटी सी कुटिया में रहते हैं।

भक्तों का कौतूहल: बाबा की हरियाली और माँ का आशीर्वाद

धारी देवी मंदिर आने वाले श्रद्धालु बाबा नारायण गिरी की हरियाली देखकर अचंभित रह जाते हैं और उनकी कठिन साधना की प्रशंसा करते हैं:

  • श्रद्धालुओं का तांता: बाबा की हरियाली और उनकी अनूठी साधना की खबर फैलते ही, मंदिर में भक्तों का तांता लग गया है। कई लोग बाबा की हरियाली को छूकर माँ धारी देवी का आशीर्वाद लेने और अपनी मनोकामनाएं पूरी करने की कामना कर रहे हैं।
  • माँ का आशीर्वाद: मंदिर के मुख्य पुजारी ने बताया कि बाबा नारायण गिरी की साधना माँ धारी देवी के प्रति उनके अगाध विश्वास और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि माँ धारी देवी अपने भक्तों की कठिन साधना और भक्ति से प्रसन्न होकर उन्हें सुख-समृद्धि और आरोग्य का आशीर्वाद देती हैं।

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