Thursday, March 5, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

शांति की उम्मीदों के साथ संदेह की गहरी छाया

अलास्का में डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई बातचीत को वैश्विक मीडिया शांति की दिशा में बहुत भरोसे के साथ नहीं देख रहा है। दोनों नेताओं ने भले वार्ता को सकारात्मक व रचनात्मक करार दिया, लेकिन अमेरिकी मीडिया ने इसे साहसिक लेकिन जोखिमभरा प्रयास बताया। रूसी मीडिया ने पुतिन की कूटनीतिक जीत का सबूत माना, यूरोपीय मीडिया ने उम्मीद और आशंका दोनों जताईं। वहीं अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और घरेलू अमेरिकी राजनीतिक हलकों में चर्चा का बड़ा हिस्सा राष्ट्रपति ट्रंप की व्यक्तिगत शैली और उनकी मसखरे नेता जैसी छवि पर केंद्रित रहा।द न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपेक्षाकृत संशयपूर्ण रुख अपनाते हुए रिपोर्ट में सवाल उठाया, क्या यह वार्ता सिर्फ फोटो-ऑप और अल्पकालिक सुर्खियां थी या वास्तव में संघर्षविराम की दिशा में ठोस कदम? अमेरिकी खुफिया व रक्षा हलकों में आशंका है कि पुतिन ने बैठक का इस्तेमाल वैश्विक मंच पर छवि सुधारने और यह दिखाने के लिए किया कि अमेरिका अंततः रूस से बातचीत करने को मजबूर है। ठोस समझौता न होना भी ट्रंप के आलोचकों को यह कहने का मौका देता है कि यह महज राजनीतिक तमाशा था।
वॉशिंगटन पोस्ट ने राजनीतिक दांव बताते हुए सवाल उठाया कि क्या ट्रंप का मूड-आधारित नेतृत्व अमेरिका की दीर्घकालिक रणनीति को कमजोर कर रहा है। दोनों अखबारों ने लिखा कि ट्रंप के फैसले मूड पर निर्भर हैं, आज खुश हों तो शांति की बात करेंगे, कल गुस्से में हों तो पलट जाएंगे। एमएसएनबीसी ने ट्रंप को रियलिटी शो का होस्ट करार दिया। कहा-नोबेल की चाह में बेकरार राजनेता वैश्विक मंच पर कोई भी ड्रामा कर सकता है। ट्रंप वैश्विक राजनीति को शोमैनशिप में बदल रहे हैं।

Popular Articles