आंध्र प्रदेश पुलिस ने 3,500 करोड़ रुपये के बहुचर्चित शराब घोटाले में सोमवार को 124 पन्नों की पूरक चार्जशीट अदालत में दाखिल की। इसमें खुलासा किया गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने वर्ष 2019 में शराब नीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों वाली बैठक की अध्यक्षता की थी।
चार्जशीट के मुताबिक, 29 जुलाई 2019 को हुई इस बैठक में राज्य में शराब दुकानों की संख्या, किराया निर्धारण, बुनियादी ढांचा, और परिवहन शुल्क जैसे मुद्दों पर फैसले लिए गए। इसमें तत्कालीन आंध्र प्रदेश स्टेट बेवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के पत्र का भी हवाला दिया गया है।
रिश्वत की रकम कर्मचारियों के खातों से गुजारी गई
पुलिस ने आरोप लगाया है कि इस घोटाले में ली गई रिश्वत की रकम को दफ्तर के छोटे कर्मचारियों और ऑफिस बॉयज के बैंक खातों के जरिए सफेद किया गया। ये कर्मचारी आरोपियों की कंपनियों में कार्यरत थे और उन्हें नकदी के लेन-देन के लिए कूरियर की तरह इस्तेमाल किया गया।
चार्जशीट में बताया गया है कि इस प्रक्रिया से नकदी के स्तरीकरण और प्रवाह को अंजाम दिया गया, ताकि अपराध से अर्जित आय को छुपाया जा सके। कुछ कर्मचारियों को यह राशि वेतन के रूप में दी गई और बाद में उन्हें पैसे वापस करने के लिए बाध्य किया गया।
यह घोटाला आंध्र प्रदेश में शराब नीति में हुए बदलावों और उससे जुड़े कथित भ्रष्टाचार की परतें खोल रहा है, जिस पर अब अदालत में सुनवाई आगे बढ़ेगी।





