नई दिल्ली: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा प्रहार करते हुए एक बार फिर उनके ‘चायवाला’ होने के दावे पर सवाल उठाए हैं। खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री केवल जनता की सहानुभूति बटोरने और चुनाव में वोट पाने के लिए बार-बार अपनी पुरानी पहचान का हवाला देते हैं। एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अब इस तरह की बातों का देश की राजनीति और विकास से कोई लेना-देना नहीं रह गया है।
“गरीबी का केवल प्रदर्शन करते हैं प्रधानमंत्री”
खड़गे ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अक्सर अपनी गरीबी और चाय बेचने के दिनों का जिक्र करते हैं, लेकिन उनकी नीतियां गरीबों के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री सिर्फ चुनाव के समय खुद को चायवाला बताते हैं ताकि गरीब जनता को गुमराह किया जा सके। अगर उन्हें वास्तव में गरीबों की चिंता होती, तो देश में महंगाई और बेरोजगारी इस स्तर पर नहीं पहुँचती।”
विकास के मुद्दों पर घेरा
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि अब समय आ गया है जब प्रधानमंत्री को अपनी व्यक्तिगत कहानियों के बजाय सरकार के कामकाज का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार केवल विज्ञापनों और भावनात्मक मुद्दों के सहारे सत्ता में बने रहना चाहती है। खड़गे के अनुसार, “जनता अब यह समझ चुकी है कि चायवाला होना या न होना एक अलग बात है, लेकिन सरकार चलाना और देश की अर्थव्यवस्था को संभालना बिल्कुल अलग बात है, जिसमें वर्तमान सरकार विफल रही है।”
राजनीतिक बयानबाजी तेज
खड़गे के इस बयान के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों का कहना है कि खड़गे ने उन बुनियादी मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित किया है जिन्हें सरकार अक्सर दबा देती है। वहीं, इस बयान के बाद कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर भी सरकार की आर्थिक नीतियों और ‘कॉर्पोरेट प्रेम’ को लेकर मोर्चा खोल दिया है।
भाजपा की संभावित प्रतिक्रिया
यद्यपि यह बयान कांग्रेस की ओर से आया है, लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इसे प्रधानमंत्री के अपमान के तौर पर पेश कर सकती है। पूर्व में भी जब-जब पीएम मोदी के ‘चायवाला’ होने या उनकी पृष्ठभूमि पर हमला हुआ है, भाजपा ने इसे ‘गरीब के बेटे का अपमान’ बताकर चुनावी मुद्दा बनाया है।
अब देखना यह होगा कि खड़गे का यह सीधा हमला आगामी चुनावों में जनता के बीच क्या असर डालता है और भाजपा इस पर क्या पलटवार करती है।





