Monday, January 12, 2026

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वेनेजुएला संकट: मादुरो की गिरफ्तारी के बाद ट्रंप का कड़ा रुख, बोले- ‘अब वेनेजुएला सिर्फ अमेरिकी सामान ही खरीदेगा’

वॉशिंगटन/कराकास: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस घटनाक्रम पर तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा और विवादास्पद एलान किया है। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि अब वेनेजुएला की नई व्यवस्था के तहत वहां की सरकार और बाजार केवल अमेरिकी उत्पादों को ही प्राथमिकता देंगे और अन्य देशों के साथ व्यापारिक निर्भरता को खत्म किया जाएगा।

मादुरो की गिरफ्तारी और अमेरिकी हस्तक्षेप

वेनेजुएला में लंबे समय से जारी राजनीतिक अस्थिरता और मादुरो सरकार के खिलाफ लगे आरोपों के बीच उनकी गिरफ्तारी को एक युग का अंत माना जा रहा है। अमेरिका, जिसने मादुरो प्रशासन पर नार्को-टेररिज्म (नशीली दवाओं के आतंकवाद) और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे, इस कार्रवाई को अपनी कूटनीतिक जीत के रूप में देख रहा है। ट्रंप ने इस गिरफ्तारी का स्वागत करते हुए कहा कि वेनेजुएला को “तानाशाही” से मुक्ति मिल गई है।

“अमेरिका फर्स्ट” की नीति का विस्तार

ट्रंप ने अपने संबोधन में वेनेजुएला के पुनर्निर्माण और आर्थिक सहायता के बदले एक कड़ी शर्त रख दी है। उनके एलान के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • अनन्य व्यापारिक संबंध: ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार और संसाधनों के बदले अब वहां की अर्थव्यवस्था में अमेरिकी कंपनियों का वर्चस्व होगा।
  • विदेशी प्रतिस्पर्धा पर प्रहार: इस बयान को चीन और रूस जैसे देशों के लिए एक बड़ी चेतावनी माना जा रहा है, जिनका वेनेजुएला में भारी निवेश रहा है। ट्रंप का उद्देश्य वेनेजुएला के बाजार से प्रतिद्वंद्वी देशों को बाहर कर वहां अमेरिकी सामान की खपत बढ़ाना है।
  • आर्थिक सहायता की शर्त: अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि वेनेजुएला को आर्थिक बदहाली से निकालने के लिए दी जाने वाली सहायता पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगी कि वहां की नई सरकार अमेरिकी व्यापारिक हितों की रक्षा कैसे करती है।

वैश्विक बाजार पर असर और विशेषज्ञों की चिंता

ट्रंप के इस बयान ने वैश्विक राजनयिक गलियारों में बहस छेड़ दी है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि व्यापार को किसी एक देश तक सीमित करने का यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय मुक्त व्यापार नियमों के खिलाफ हो सकता है।

  • तेल की कीमतें: वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडारों में से एक है। यदि वहां का तेल व्यापार केवल अमेरिका के नियंत्रण में आता है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव आ सकता है।
  • विपक्षी देशों की प्रतिक्रिया: रूस और चीन, जिन्होंने मादुरो का समर्थन किया था, इस कदम को अमेरिका की “आर्थिक साम्राज्यवाद” की नीति बता रहे हैं।

वेनेजुएला का भविष्य

मादुरो के हटने के बाद अब वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ट्रंप का यह एलान संकेत देता है कि आने वाले समय में वेनेजुएला न केवल राजनीतिक रूप से बल्कि आर्थिक रूप से भी पूरी तरह से वाशिंगटन के प्रभाव में रहेगा।

 

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