हल्द्वानी/नैनीताल: उत्तराखंड की प्रसिद्ध सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और ब्लॉगर ज्योति की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। स्थानीय अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले में सुनवाई करते हुए उनकी जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। कोर्ट के इस सख्त फैसले के बाद अब ज्योति को जेल की सलाखों के पीछे ही रहना होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून के उल्लंघन और सार्वजनिक शांति भंग करने वालों के खिलाफ कोई रियायत नहीं बरती जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
ब्लॉगर ज्योति पर पिछले दिनों अभद्र भाषा का प्रयोग करने, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश और पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी करने के गंभीर आरोप लगे थे। सोशल मीडिया पर उनके कुछ वीडियो वायरल हुए थे, जिनमें वे कानून और व्यवस्था को चुनौती देती नजर आ रही थीं। इसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था।
अदालत में हुई तीखी बहस
सुनवाई के दौरान ज्योति के वकीलों ने तर्क दिया कि उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं और उन्हें केवल उनके वीडियो के आधार पर निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि, अभियोजन पक्ष (सरकारी वकील) ने कोर्ट के सामने पुख्ता सबूत पेश करते हुए कहा कि:
- नकारात्मक प्रभाव: ज्योति के कृत्यों से समाज में गलत संदेश जा रहा है और युवाओं पर इसका बुरा असर पड़ रहा है।
- साक्ष्यों से छेड़छाड़ का डर: यदि उन्हें जमानत दी गई, तो वे बाहर निकलकर सबूतों को प्रभावित कर सकती हैं या गवाहों को डरा सकती हैं।
- कानून का उल्लंघन: उनके वीडियो में सीधे तौर पर प्रशासनिक अधिकारियों और नियमों का अपमान किया गया है।
कोर्ट की तल्ख टिप्पणी
न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अर्थ यह नहीं है कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर हो जाए। कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत अर्जी नामंजूर कर दी। इसके साथ ही, उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जिसका अर्थ है कि अब उन्हें ‘जेल की रोटी’ खानी पड़ेगी।
सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
ज्योति की गिरफ्तारी और जमानत खारिज होने के बाद सोशल मीडिया दो गुटों में बंटा नजर आ रहा है। एक वर्ग इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बता रहा है, तो वहीं दूसरा बड़ा वर्ग पुलिस और प्रशासन की इस कार्रवाई की सराहना कर रहा है। लोगों का कहना है कि ‘व्यूज’ और ‘फॉलोअर्स’ के चक्कर में मर्यादा लांघने वाले इन्फ्लुएंसर्स के लिए यह एक बड़ा सबक है।





