हरिद्वार/ऋषिकेश: उत्तराखंड में आयोजित ‘विराट हिंदू सम्मेलन’ के मंच से एक बार फिर विवादित सुर सुनाई दिए हैं। सम्मेलन के दौरान अपने संबोधन में विवादित और भड़काऊ बयान देने के आरोप में पुलिस ने महामंडलेश्वर लाल बाबा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। बाबा के भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है।
क्या है पूरा मामला?
बीते दिनों आयोजित हुए विराट हिंदू सम्मेलन में देश भर से कई साधु-संतों और हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया था:
- विवादित संबोधन: आरोप है कि महामंडलेश्वर लाल बाबा ने मंच से एक विशेष समुदाय के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणी की।
- सोशल मीडिया पर हंगामा: कार्यक्रम का वीडियो जैसे ही इंटरनेट पर प्रसारित हुआ, लोगों ने इसे नफरती भाषण (Hate Speech) करार देते हुए कार्रवाई की मांग शुरू कर दी।
- पुलिस का संज्ञान: मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने वीडियो के आधार पर स्वतः संज्ञान लिया और शुरुआती जांच के बाद प्राथमिकी (FIR) दर्ज की।
कानूनी कार्रवाई और धाराएं
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति को धर्म के नाम पर समाज में विद्वेष फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी:
- मुकदमा दर्ज: लाल बाबा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है, जिसमें समुदायों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने जैसे आरोप शामिल हैं।
- वीडियो की फोरेंसिक जांच: पुलिस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि के लिए उसे फोरेंसिक लैब भेजने की तैयारी कर रही है ताकि कोर्ट में इसे पुख्ता सबूत के तौर पर पेश किया जा सके।
- आयोजकों से पूछताछ: पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या कार्यक्रम के आयोजकों को इस तरह के भाषण की आशंका थी या उन्होंने इसे रोकने का प्रयास किया।
इलाके में तनाव और सुरक्षा के इंतजाम
मुकदमा दर्ज होने के बाद संवेदनशील इलाकों में पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है:
- शांति की अपील: जिला प्रशासन ने दोनों पक्षों और स्थानीय निवासियों से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अफवाह न फैलाने की अपील की है।
- इंटेलिजेंस अलर्ट: खुफिया विभाग को सक्रिय कर दिया गया है ताकि इस घटना के विरोध या समर्थन में होने वाली किसी भी संभावित गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
संत समाज की प्रतिक्रिया
इस घटना पर संत समाज दो गुटों में बंटा नजर आ रहा है। जहाँ कुछ संतों ने लाल बाबा के बयान को निजी विचार बताते हुए उससे पल्ला झाड़ लिया है, वहीं कुछ अन्य इसे ‘सनातन धर्म की रक्षा’ की आवाज बताकर कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं।





