Monday, February 23, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

विराट हिंदू सम्मेलन में गूँजा ‘जय श्री राम’, सीएम धामी के आह्वान पर उमड़ा जनसैलाब; मातृशक्ति की भागीदारी ने बनाया नया इतिहास

ऋषिकेश/देहरादून: धर्मनगरी में आयोजित ‘विराट हिंदू सम्मेलन’ में आज उस समय श्रद्धा और उत्साह का संगम देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जनसमूह के बीच पहुँचे। सम्मेलन में उमड़े हजारों लोगों के हुजूम ने यह स्पष्ट कर दिया कि देवभूमि की जनता अपनी सांस्कृतिक विरासत और सनातन धर्म की रक्षा के लिए पूरी तरह एकजुट है। इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता महिलाओं यानी मातृशक्ति की ऐतिहासिक भागीदारी रही, जिन्होंने पारंपरिक परिधानों में बड़ी संख्या में पहुँचकर सम्मेलन को भव्य रूप प्रदान किया।

केसरिया रंग में रंगी धर्मनगरी: भव्य स्वागत

जैसे ही मुख्यमंत्री धामी सम्मेलन स्थल पर पहुँचे, पूरे परिसर में शंखनाद और ‘जय श्री राम’ के उद्घोष होने लगे।

  • फूलों की वर्षा: स्थानीय नागरिकों और विभिन्न हिंदू संगठनों ने पुष्प वर्षा कर मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया।
  • विशाल पदयात्रा: सम्मेलन से पूर्व निकाली गई शोभायात्रा में हजारों युवाओं और बुजुर्गों ने हिस्सा लिया, जिसमें झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।

मातृशक्ति का दिखा दम: मुख्यमंत्री ने जताया आभार

मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन की शुरुआत महिलाओं को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के निर्माण और यहाँ की संस्कृति को बचाए रखने में मातृशक्ति की भूमिका सर्वोपरि है:

  1. सशक्त नारी, सुरक्षित धर्म: सीएम ने कहा कि आज जिस संख्या में माताएं और बहनें यहाँ उपस्थित हुई हैं, वह इस बात का प्रमाण है कि हमारी आने वाली पीढ़ियां सुरक्षित हाथों में हैं।
  2. संस्कारों की रक्षक: उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे बच्चों को अपने महान गौरवशाली इतिहास और सनातन संस्कारों की शिक्षा दें, ताकि देवभूमि का मूल स्वरूप बना रहे।

सनातन और राष्ट्रवाद पर मुख्यमंत्री का कड़ा संदेश

विराट हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार तुष्टीकरण की राजनीति नहीं, बल्कि संतुष्टीकरण की नीति पर काम कर रही है:

  • देवभूमि की मर्यादा: मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उत्तराखंड की पवित्रता से खिलवाड़ करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने लैंड जिहाद और अवैध धर्मांतरण के खिलाफ अपनी सरकार के कड़े रुख को फिर से स्पष्ट किया।
  • एकजुटता की अपील: उन्होंने सभी हिंदुओं से जात-पात और संकीर्णता से ऊपर उठकर राष्ट्रहित और धर्महित में एकजुट होने का आह्वान किया।

संतों का आशीर्वाद और समर्थन

मंच पर मुख्यमंत्री के साथ कई प्रतिष्ठित संत और धार्मिक गुरु भी मौजूद थे। संतों ने मुख्यमंत्री द्वारा राज्य में लागू किए गए सख्त धर्मांतरण कानून और यूसीसी (UCC) के कार्यान्वयन की सराहना की। उन्होंने कहा कि धामी सरकार के नेतृत्व में उत्तराखंड हिंदू अस्मिता के रक्षक के रूप में उभर रहा है।

Popular Articles