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विदेशी धन लोकतंत्र को प्रभावित कर सकता है, इसलिए एफसीआरए संशोधन जरूरी: सरकार

नई दिल्ली: विदेशी फंडिंग के नियमन को लेकर केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि अनियंत्रित विदेशी धन का इस्तेमाल लोकतांत्रिक संस्थाओं, चुनावी प्रक्रिया और सार्वजनिक विमर्श को प्रभावित कर सकता है। सरकार ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) में प्रस्तावित संशोधनों का बचाव करते हुए कहा है कि यह कदम पारदर्शिता और राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के लिए उठाया जा रहा है।

सरकार ने कहा कि विदेशी फंड पर नियंत्रण केवल भारत की व्यवस्था नहीं है, बल्कि दुनिया के कई लोकतांत्रिक देशों में भी विदेशी आर्थिक प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए कानून मौजूद हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे देशों में भी विदेशी वित्तीय गतिविधियों की निगरानी के लिए नियम लागू हैं।

केंद्र के अनुसार, एफसीआरए का उद्देश्य वैध विदेशी सहायता को रोकना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि विदेशी योगदान का इस्तेमाल तय उद्देश्यों के लिए हो और उसका दुरुपयोग न किया जा सके। गृह मंत्रालय के प्रशासन के तहत आने वाला एफसीआरए विदेशी स्रोतों से मिलने वाले धन के उपयोग, लेखांकन और रिपोर्टिंग की व्यवस्था तय करता है।

प्रस्तावित एफसीआरए संशोधन विधेयक में उन संस्थाओं के लिए नए प्रावधान किए गए हैं, जिनका एफसीआरए पंजीकरण रद्द हो जाता है या समाप्त हो जाता है। विधेयक में ऐसी स्थिति में विदेशी योगदान और उससे जुड़ी संपत्तियों के प्रबंधन और निगरानी के लिए एक नामित प्राधिकरण बनाने का प्रस्ताव है।

सरकार का कहना है कि विदेशी धन का इस्तेमाल राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था या देश के हितों के खिलाफ नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि समाजसेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य और मानवीय कार्यों से जुड़े वैध संगठनों को परेशान करने का कोई उद्देश्य नहीं है।

वहीं, विपक्ष और कुछ सामाजिक संगठनों ने विधेयक के कुछ प्रावधानों पर चिंता जताई है। उनका तर्क है कि नए नियमों से गैर-सरकारी संगठनों और नागरिक संस्थाओं के कामकाज पर अतिरिक्त नियंत्रण बढ़ सकता है। सरकार ने इन आशंकाओं को दूर करने की बात कही है और कहा है कि केवल नियमों के उल्लंघन पर ही कार्रवाई की जाएगी।

एफसीआरए संशोधन विधेयक को लेकर संसद में चर्चा के दौरान विदेशी फंडिंग, पारदर्शिता और नागरिक संगठनों की स्वतंत्रता के बीच संतुलन को लेकर बहस तेज होने की संभावना है।

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