विकासनगर: उत्तराखंड के विकासनगर क्षेत्र अंतर्गत आने वाली टीमली रेंज से एक दुखद खबर सामने आई है, जहाँ जंगल के भीतर एक हाथी का शव मिलने से हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के उच्च अधिकारी और टीमली रेंज की टीम मौके पर पहुँच गई है। विभाग द्वारा हाथी की मौत के कारणों की गहनता से जाँच की जा रही है।
गश्त के दौरान मिला शव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वन विभाग के कर्मचारी जब रोज़ाना की तरह टीमली रेंज के कक्ष संख्या-2 में गश्त पर थे, तब उन्हें एक विशालकाय हाथी बेसुध अवस्था में पड़ा दिखाई दिया। करीब जाकर देखने पर पता चला कि हाथी की मृत्यु हो चुकी है। कर्मचारियों ने तुरंत इसकी सूचना रेंज अधिकारी और उच्चाधिकारियों को दी।
अधिकारियों ने किया घटनास्थल का मुआयना
हाथी की मौत की खबर मिलते ही कालसी वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) और टीमली रेंज के अधिकारी दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। अधिकारियों ने मृत हाथी के आसपास के क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि या शिकार के संकेत तो नहीं हैं। प्रारंभिक जाँच में हाथी के शरीर पर किसी बाहरी चोट के निशान की पुष्टि के लिए विशेषज्ञों को बुलाया गया है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतज़ार
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मौत के सटीक कारणों का पता पोस्टमॉर्टम के बाद ही चल पाएगा। इसके लिए पशु चिकित्सकों की एक विशेष टीम को मौके पर बुलाया गया है। विभाग इस बात की भी जाँच कर रहा है कि हाथी की मौत आपसी संघर्ष (Infighting) की वजह से हुई है, किसी बीमारी के कारण, या फिर इसके पीछे कोई अन्य प्राकृतिक कारण रहा है।
क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी बढ़ी
इस घटना के बाद वन विभाग ने टीमली और आसपास की रेंजों में गश्त बढ़ा दी है। हाथी की उम्र और उसके दांतों (Tusks) की सुरक्षा को लेकर भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमानुसार हाथी के शव का निस्तारण किया जाएगा।
विकासनगर और आसपास के क्षेत्रों में हाथियों की आवाजाही अक्सर रहती है, ऐसे में एक स्वस्थ हाथी की अचानक मौत वन प्रेमियों और विभाग के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
जानलेवा साबित हुई सेल्फी की सनक: ऊंचाई से गिरा युवक, दो दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद तोड़ा दम





