नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र का शुभारंभ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के ओजस्वी अभिभाषण के साथ हुआ। नवनिर्मित संसद भवन के गज द्वार से प्रवेश करते हुए राष्ट्रपति ने दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने आगामी दशक को भारत के लिए निर्णायक बताते हुए ‘अर्थव्यवस्था’ और ‘युवा शक्ति’ (रोजगार) को सरकार की नीतियों का केंद्र बिंदु घोषित किया। राष्ट्रपति ने विशेष रूप से पूर्वी भारत के विकास पर जोर देते हुए कहा कि देश की प्रगति का इंजन अब ‘पूर्वोदय’ की अवधारणा से गति पकड़ेगा।
अर्थव्यवस्था: दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी शक्ति बनने की राह
राष्ट्रपति ने भारत की आर्थिक स्थिरता की सराहना करते हुए वैश्विक मंच पर देश की मजबूत स्थिति का खाका पेश किया।
- विकास दर की स्थिरता: उन्होंने कहा कि निरंतर उच्च विकास दर (GDP Growth) के कारण भारत आज दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही शीर्ष तीन में शामिल होगा।
- महंगाई पर नियंत्रण: वैश्विक संकटों के बावजूद सरकार ने महंगाई को नियंत्रित रखने और राजकोषीय घाटे को कम करने में सफलता प्राप्त की है।
रोजगार और कौशल विकास: युवाओं का भविष्य
रोजगार के मुद्दे पर विपक्ष के तीखे सवालों के बीच राष्ट्रपति ने सरकार की उपलब्धियां और भविष्य की योजनाएं साझा कीं।
- मुद्रा और स्टार्टअप इंडिया: उन्होंने बताया कि कैसे ‘मुद्रा योजना’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ के जरिए करोड़ों युवाओं को ‘जॉब सीकर’ (नौकरी मांगने वाला) के बजाय ‘जॉब क्रिएटर’ (नौकरी देने वाला) बनाया गया है।
- नई शिक्षा नीति: राष्ट्रपति ने कहा कि नई शिक्षा नीति और ‘स्किल इंडिया’ अभियान युवाओं को आधुनिक उद्योगों की जरूरतों के हिसाब से तैयार कर रहा है।
‘पूर्वोदय’: पूर्वी भारत बनेगा विकास का नया केंद्र
राष्ट्रपति के भाषण का एक प्रमुख हिस्सा पूर्वी भारत (बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड और पूर्वोत्तर राज्य) के कायाकल्प पर केंद्रित था।
- संतुलित विकास: मुर्मु ने कहा कि जब तक देश का पूर्वी हिस्सा विकसित नहीं होगा, तब तक भारत पूर्ण रूप से विकसित नहीं कहलाएगा।
- इन्फ्रास्ट्रक्चर का जाल: पूर्वी राज्यों में नए हवाई अड्डों, एक्सप्रेस-वे और जलमार्गों के निर्माण से इस क्षेत्र की आर्थिक क्षमता को नई पहचान मिलेगी।
नारी शक्ति और किसान कल्याण
राष्ट्रपति ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए ‘लखपति दीदी’ योजना और ‘ड्रोन दीदी’ पहल का जिक्र किया। साथ ही, उन्होंने किसानों के लिए पीएम-किसान सम्मान निधि और आधुनिक कृषि तकनीकों (डिजिटल क्रॉप सर्वे) को अपनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
भ्रष्टाचार और नीतिगत सुधार
सरकार के कड़े फैसलों का समर्थन करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति जारी रहेगी। उन्होंने पेपर लीक जैसे मामलों पर लगाम लगाने के लिए बनाए गए सख्त कानूनों को युवाओं के हित में बताया।
“मेरा मानना है कि इस सदन में होने वाली हर चर्चा ‘विकसित भारत’ के संकल्प को मजबूत करेगी। देशवासियों की आकांक्षाएं बहुत ऊंची हैं, और हमें मिलकर उन्हें पूरा करना है। यह समय भारत का है, और हमें इसका भरपूर लाभ उठाना चाहिए।” — द्रौपदी मुर्मु, राष्ट्रपति





