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रूस-यूक्रेन युद्ध: ‘शांति समझौते से पहले किसी देश की फौज घुसी तो तबाही तय’ — पुतिन का सख्त रुख यूक्रेन संकट पर पश्चिमी हस्तक्षेप को लेकर चेतावनी, कहा- समझौते से पहले दखल हुआ तो नतीजे विनाशकारी होंगे

मॉस्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्ध को लेकर पश्चिमी देशों को कड़ी चेतावनी दी है। पुतिन ने कहा कि यदि शांति समझौते से पहले किसी तीसरे देश की सेना यूक्रेन में घुसने की कोशिश करती है तो उसके परिणाम बेहद गंभीर होंगे। उन्होंने साफ कहा कि इस स्थिति में हालात काबू से बाहर हो जाएंगे और तबाही तय है।

क्रेमलिन में दिए गए बयान में पुतिन ने कहा, “हम बातचीत और शांति समझौते के रास्ते पर हैं, लेकिन अगर कोई देश इस प्रक्रिया में दखल देकर सैनिक भेजता है, तो यह केवल संघर्ष को और भड़काएगा। रूस अपने हितों और सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा।”

गौरतलब है कि हाल के दिनों में अमेरिका और यूरोपीय देशों की ओर से यूक्रेन को सैन्य मदद और सैनिक तैनाती को लेकर चर्चाएं तेज़ हुई हैं। रूस ने इसे सीधे-सीधे अपने खिलाफ चुनौती माना है। पुतिन ने पश्चिमी गठबंधन को आगाह किया कि वे यूक्रेन की ज़मीन को युद्ध का अखाड़ा न बनाएं।

विश्लेषकों का मानना है कि पुतिन का यह बयान रूस की कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है। एक ओर वे शांति वार्ता की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पश्चिमी हस्तक्षेप की सूरत में कठोर कार्रवाई का संकेत दे रहे हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि रूस किसी भी बाहरी दबाव को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है।

इस बीच, यूक्रेन ने दोहराया है कि वह केवल ऐसे समझौते को मानेगा जिसमें उसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता सुरक्षित रहे। वहीं, नाटो देशों ने कहा है कि वे यूक्रेन को हर संभव मदद जारी रखेंगे, लेकिन फिलहाल सैनिक भेजने पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

युद्ध के 18वें महीने में पहुंच चुके इस संकट का हल अभी तक नहीं निकल सका है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब शांति समझौते की किसी ठोस पहल का इंतजार कर रहा है, लेकिन पुतिन की चेतावनी ने हालात को और तनावपूर्ण बना दिया है।

 

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