कीव/मास्को: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा संघर्ष अब और अधिक घातक होता जा रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान रूस ने यूक्रेन के कई शहरों पर मिसाइलों और विनाशकारी बमों से भीषण हमला किया, जिसमें भारी तबाही की खबर है। इस हमले के कुछ ही घंटों बाद, यूक्रेन ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए रूसी सीमा के भीतर सैन्य ठिकानों और तेल डिपो को निशाना बनाकर ‘कामिकेज़’ ड्रोन (Kamikaze Drones) से हमला बोला। यूक्रेन के इस पलटवार ने रूस के रक्षा तंत्र को चुनौती देते हुए युद्ध के मैदान में अपनी बढ़ती ताकत का अहसास कराया है।
रूस की ‘विनाशकारी’ बमबारी और नुकसान
रूसी वायुसेना ने यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे और प्रमुख शहरों को निशाना बनाया:
- राजधानी कीव पर प्रहार: रूस ने कीव पर दर्जनों मिसाइलें दागीं, जिससे बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित हो गई है।
- नागरिक ठिकानों पर हमला: खार्किव और ओडेसा जैसे शहरों में रिहायशी इमारतों पर बम गिरने से कई नागरिकों के हताहत होने की आशंका है।
- रणनीतिक उद्देश्य: विशेषज्ञों का मानना है कि रूस कड़ाके की ठंड के बीच यूक्रेन के ऊर्जा नेटवर्क को ध्वस्त कर उसे घुटने टेकने पर मजबूर करना चाहता है।
यूक्रेन का ड्रोन से करारा जवाब
रूस की बमबारी के तुरंत बाद, यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने कड़े शब्दों में कहा कि “हर हमले का हिसाब दिया जाएगा।” इसके बाद:
- रूसी ठिकानों पर ड्रोन अटैक: यूक्रेन ने दर्जनों की संख्या में ‘बोल ड्रोन’ (Attack Drones) का उपयोग कर रूसी सीमा के भीतर स्थित गोला-बारूद के गोदामों और रसद केंद्रों को निशाना बनाया।
- तेल डिपो में लगी आग: रिपोर्टों के अनुसार, यूक्रेन के ड्रोन हमले से रूस के एक प्रमुख तेल डिपो में भीषण आग लग गई, जिससे रूसी सेना की ईंधन आपूर्ति श्रृंखला को बड़ा झटका लगा है।
- वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय: रूस का दावा है कि उसने यूक्रेन के कई ड्रोनों को मार गिराया है, लेकिन कुछ ड्रोन अपने लक्ष्यों को भेदने में सफल रहे।
युद्ध के बदलते समीकरण
यूक्रेन द्वारा रूस के भीतर किए जा रहे ये हमले दर्शाते हैं कि अब यूक्रेन केवल बचाव नहीं कर रहा, बल्कि रूस के सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों तक पहुंचने की क्षमता रखता है।
- पश्चिमी हथियारों की भूमिका: यूक्रेन को पश्चिमी देशों से मिल रहे उन्नत ड्रोन और लंबी दूरी की मिसाइल तकनीक इस जवाबी कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
- रूस की चेतावनी: मास्को ने इस हमले को ‘आतंकवादी कृत्य’ करार देते हुए चेतावनी दी है कि वे इसका और भी भयानक जवाब देंगे।
निष्कर्ष: शांति की उम्मीदें धूमिल
दोनों देशों के बीच बढ़ते इन हमलों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। संयुक्त राष्ट्र ने एक बार फिर दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है, लेकिन युद्ध के वर्तमान हालात को देखते हुए संघर्ष के जल्द थमने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। रूस की बमबारी और यूक्रेन का ड्रोन पलटवार इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में जंग और भी खतरनाक रूप ले सकती है।





