रुड़की (हरिद्वार): उत्तराखंड के रुड़की स्थित बिनारसी गांव में एक धार्मिक शोभायात्रा के दौरान भड़की हिंसा ने पूरे इलाके को दहला दिया है। दो पक्षों के बीच शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया, जिसमें हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद गांव में तनाव चरम पर पहुंच गया और उग्र भीड़ ने कई वाहनों व संपत्ति को आग के हवाले कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिले के आला अधिकारी भारी पुलिस बल और पीएसी (PAC) के साथ मौके पर डटे हुए हैं।
विवाद से विनाश तक: कैसे बिगड़े हालात?
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना की शुरुआत शोभायात्रा के मार्ग या डीजे बजाने को लेकर हुए विवाद से बताई जा रही है:
- अंधाधुंध फायरिंग: कहासुनी के बीच अचानक एक पक्ष की ओर से अवैध हथियारों से फायरिंग शुरू कर दी गई। गोली लगने से दो युवकों ने दम तोड़ दिया, जिससे माहौल और अधिक उग्र हो गया।
- आगजनी और तोड़फोड़: अपने साथियों की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी पक्ष के घरों और वाहनों को निशाना बनाया। गांव के बाहर खड़ी कई मोटरसाइकिलों और एक ट्रैक्टर को आग के हवाले कर दिया गया।
गांव बना छावनी: पुलिस की कड़ी कार्रवाई
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पूरे बिनारसी गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है:
- सुरक्षा घेरा: हरिद्वार और आसपास के जिलों से अतिरिक्त पुलिस फोर्स को बुलाया गया है। उपद्रवियों को तितर-बतर करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग भी करना पड़ा।
- तलाशी अभियान: पुलिस ने फायरिंग के आरोपियों की धरपकड़ के लिए गांव के चारों ओर घेराबंदी कर दी है। संदिग्धों के ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
- धारा 144 लागू: इलाके में शांति बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से निषेधाज्ञा लागू कर दी है और लोगों को घरों के अंदर रहने की हिदायत दी गई है।
प्रशासन की अपील: अफवाहों से बचें
एसएसपी हरिद्वार ने खुद मोर्चा संभालते हुए ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
- सोशल मीडिया पर नजर: पुलिस की साइबर सेल सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रख रही है ताकि भड़काऊ संदेशों या अफवाहों के कारण हिंसा और न फैले।
- शवों का पोस्टमार्टम: दोनों मृतकों के शवों को भारी सुरक्षा के बीच पोस्टमार्टम के लिए रुड़की के सिविल अस्पताल भेजा गया है।
नेताओं और ग्रामीणों में आक्रोश
इस दुखद घटना के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी मौके पर पहुंचकर घटना की निंदा की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यदि पुलिस पहले से मुस्तैद होती और शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होते, तो इस अप्रिय घटना को टाला जा सकता था।
“दो लोगों की मृत्यु अत्यंत दुखद है। फायरिंग करने वाले मुख्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। हम स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी कीमत पर सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने नहीं दिया जाएगा।” — अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था)





