Saturday, January 31, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ कल से शुरू होगा संसद का बजट सत्र; सरकार की प्राथमिकता पर रहेंगे आर्थिक मुद्दे, VBJ और SIR को चर्चा से रखा गया बाहर

नई दिल्ली: भारतीय संसद का महत्वपूर्ण बजट सत्र मंगलवार से शुरू होने जा रहा है। संसदीय परंपरा के अनुसार, सत्र का आगाज़ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से होगा, जिसमें वे सरकार की भावी नीतियों और पिछले वर्ष की उपलब्धियों का खाका पेश करेंगी। सत्र की पूर्व संध्या पर आयोजित सर्वदलीय बैठक में सरकार ने अपना एजेंडा साफ कर दिया है। हालांकि, विपक्ष की तीखी मांग के बावजूद सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि इस सत्र के दौरान वीबी जीरामजी (VBJ) और एसआईआर (SIR) जैसे विवादित या तकनीकी विषयों पर कोई औपचारिक चर्चा नहीं की जाएगी।

राष्ट्रपति का अभिभाषण: विजन 2047 पर रहेगा जोर

संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू देश के सामने मौजूद आर्थिक चुनौतियों और उनके समाधान का रोडमैप रखेंगी।

  • विकसित भारत का संकल्प: माना जा रहा है कि राष्ट्रपति के भाषण में बुनियादी ढांचे (Infrastructure), महिला सशक्तीकरण और डिजिटल इंडिया की प्रगति पर विशेष फोकस होगा।
  • धन्यवाद प्रस्ताव: राष्ट्रपति के भाषण के बाद दोनों सदनों में ‘धन्यवाद प्रस्ताव’ पर चर्चा होगी, जिसके दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है।

बजट सत्र का मुख्य एजेंडा: अर्थव्यवस्था और विकास

यह सत्र मुख्य रूप से वित्तीय कार्यों के लिए समर्पित है।

  1. केंद्रीय बजट पेश करना: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी वित्त वर्ष के लिए बजट पेश करेंगी, जिसमें मध्यम वर्ग को टैक्स राहत और निवेश बढ़ाने वाले उपायों पर देश की नजरें टिकी हैं।
  2. आर्थिक सर्वेक्षण: बजट से ठीक पहले आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) पेश किया जाएगा, जो देश की वर्तमान आर्थिक सेहत का विवरण देगा।

VBJ और SIR पर चर्चा नहीं: क्या है विवाद?

सत्र से पहले सबसे अधिक चर्चा वीबी जीरामजी (VBJ) मामले और एसआईआर (SIR) रिपोर्ट को लेकर थी। विपक्ष इन मुद्दों पर सदन में कार्य स्थगन प्रस्ताव (Adjournment Motion) लाने की तैयारी में था।

  • सरकार का रुख: सरकार ने कार्य मंत्रणा समिति (BAC) को सूचित किया है कि ये विषय वर्तमान में विचाराधीन या तकनीकी प्रकृति के हैं, इसलिए बजट सत्र के सीमित समय में इन पर चर्चा करना संभव नहीं होगा।
  • विपक्ष की नाराजगी: विपक्षी दलों ने सरकार के इस फैसले को ‘संसदीय लोकतंत्र का गला घोंटना’ बताया है। उनका तर्क है कि जनता से जुड़े इन महत्वपूर्ण विषयों पर सदन में स्पष्टीकरण आना अनिवार्य था।

सत्र के हंगामेदार रहने के आसार

यद्यपि सरकार ने अपनी प्राथमिकताएं तय कर दी हैं, लेकिन राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि सत्र काफी हंगामेदार रह सकता है।

  • महंगाई और बेरोजगारी: विपक्ष इन बुनियादी मुद्दों के साथ-साथ सीमा सुरक्षा के सवाल पर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है।
  • विधेयकों की सूची: बजट के अलावा, सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों (Bills) को भी पारित करने की योजना बना रही है, जिन्हें लेकर आम सहमति बनाना एक चुनौती होगी।

प्रशासनिक तैयारियां पूरी

संसद परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति ने सभी सदस्यों से अपील की है कि वे सदन की गरिमा बनाए रखें और महत्वपूर्ण विधायी कार्यों में सहयोग करें।

“संसद का बजट सत्र देश की आर्थिक दिशा तय करने का सबसे बड़ा मंच है। हम हर उस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं जो नियमों के तहत आता है, लेकिन सदन की कार्यवाही को बाधित करने के प्रयासों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।” — प्रहलाद जोशी, संसदीय कार्य मंत्री

Popular Articles