चमोली ज़िले के थराली तहसील में शुक्रवार देर रात बादल फटने की घटना ने एक बार फिर आपदा प्रबंधन तंत्र को सतर्क कर दिया। कुछ ही दिन पहले उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना से लोग उबरे भी नहीं थे कि पहाड़ की इस नई त्रासदी ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। थराली क्षेत्र के कई गांवों में भारी तबाही देखने को मिली है, जहाँ लगभग 90 परिवार प्रभावित हुए हैं।
शनिवार सुबह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी थराली पहुंचे और आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने कुलसारी में बनाए गए राहत शिविर का दौरा कर वहां रह रहे पीड़ित परिवारों से सीधे संवाद किया। मुख्यमंत्री ने प्रभावितों से व्यवस्थाओं और शिविर में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
मुख्यमंत्री धामी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी प्रभावित व्यक्ति को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को राहत सामग्री, भोजन, चिकित्सा सुविधा और अस्थायी आवास की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
बादल फटने से क्षेत्र की कई सड़कें और खेत मलबे से पट गए हैं। बिजली और पानी की आपूर्ति भी बाधित हुई है। हालांकि प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें लगातार मलबा हटाने और जनजीवन को पटरी पर लाने के प्रयास में जुटी हुई हैं।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया और कहा कि सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने प्रभावित लोगों को आश्वस्त किया कि पुनर्वास और मुआवज़े की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जाएगी।





