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राज्यसभा में ठहाके: ‘मोहब्बत हमारे साथ और शादी कहीं और…’, खरगे के तंज पर खुद को रोक नहीं पाए पीएम मोदी

नई दिल्ली (18 मार्च, 2026): संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) में बुधवार को विदाई समारोह के दौरान एक ऐसा वाक्या हुआ, जिसने सदन के गंभीर माहौल को ठहाकों में बदल दिया। मौका था 37 निवर्तमान सांसदों की विदाई का, जहाँ कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे अपने चिर-परिचित मजाकिया और तल्ख अंदाज में नजर आए। खरगे ने पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा को विदाई देते हुए उनके भाजपा (NDA) के साथ जाने पर ऐसा तंज कसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए।

विदाई भाषण में ‘इश्क और निकाह’ का जिक्र

मल्लिकार्जुन खरगे राज्यसभा से रिटायर हो रहे दिग्गज नेताओं, जिनमें एच.डी. देवेगौड़ा, अभिषेक मनु सिंघवी, प्रियंका चतुर्वेदी और रामदास अठावले शामिल थे, के सम्मान में भाषण दे रहे थे। देवेगौड़ा के साथ अपने 54 साल पुराने रिश्तों को याद करते हुए खरगे ने उनके हालिया गठबंधन परिवर्तन पर निशाना साधा:

  • खरगे का तंज: खरगे ने कहा, “देवेगौड़ा जी के साथ मेरा रिश्ता आधा दशक से भी ज्यादा पुराना है। लेकिन राजनीति भी अजीब है— मोहब्बत हमारे साथ की और शादी कहीं और (NDA) जाकर कर ली।
  • गठबंधन पर निशाना: उनका इशारा जनता दल (सेक्युलर) के विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ से दूरी बनाकर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होने की ओर था।

पीएम मोदी और सदन का रिएक्शन

जैसे ही खरगे ने ‘शादी’ वाला जुमला उछाला, पूरा सदन हंसी के ठहाकों से गूंज उठा:

  • प्रधानमंत्री की हंसी: सामने बैठे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस टिप्पणी पर खिलखिलाकर हंस पड़े। सदन के अन्य सदस्य भी काफी देर तक मेज थपथपाते रहे।
  • देवेगौड़ा की प्रतिक्रिया: 90 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा भी खरगे की इस चुटकी पर मुस्कुराते नजर आए। खरगे ने आगे कहा कि राजनीति में विचारधाराएं बदलती रहती हैं, लेकिन व्यक्तिगत संबंध बने रहने चाहिए।

54 साल का साथ और सियासी सफर

खरगे ने देवेगौड़ा के व्यक्तित्व और उनके योगदान की सराहना करते हुए पुराने दिनों को याद किया:

  1. कर्नाटक की राजनीति: दोनों नेताओं ने दशकों तक कर्नाटक की राजनीति में एक साथ काम किया है। खरगे ने बताया कि कैसे देवेगौड़ा ने हमेशा किसानों और दलितों के मुद्दों को प्राथमिकता दी।
  2. संसदीय मर्यादा: खरगे ने अन्य सांसदों जैसे तिरुचि शिवा और अमरेंद्र धारी सिंह के योगदान का भी उल्लेख किया, लेकिन उनका मुख्य आकर्षण देवेगौड़ा और सिंघवी जैसे दिग्गजों की विदाई ही रही।

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