केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने सत्तारूढ़ वामपंथी सरकार पर अपने हमले तेज करते हुए शुक्रवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने राज्य में हो रहे ‘देश विरोधी अपराधों’ को लेकर उन्हें अंधेरे में रखा। राज्यपाल ने यह भी कहा कि अब तक मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक ‘मुख्यमंत्री की इजाजत के बिना’ नियमित रूप से राजभवन आते रहे हैं और अब ‘उनका और स्वागत नहीं किया जाएगा।’ खान ने यहां संवाददाताओं से कहा कि मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक बयान में कई ‘देश-विरोधी गतिविधियों’ और ‘राज्य-विरोधी गतिविधियों’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया, इसका मतलब है कि मुख्यमंत्री मानते हैं कि राज्य में ‘देश विरोधी अपराध’ हो रहे हैं। राज्यपाल ने हाल ही में विजयन से उन्हें मिले जवाबी पत्र का हवाला देते हुए यह बात कही।उन्होंने कहा कि जब देश के खिलाफ ऐसे अपराध किए जाते हैं तो उन्हें राष्ट्रपति व केंद्र सरकार को सूचित करना पड़ता है। इसके लिए जानकारी होना जरूरी है। खान ने कहा, इसलिए, मैंने जानकारी मांगने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार भी नहीं किया। उन्होंने 27 दिन बाद इसका जवाब दिया, जब मैंने मुख्य सचिव और डीजीपी को बुलाया, लेकिन मुख्यमंत्री ने कोई जानकारी नहीं दी।सीपीआई(एम) के राज्य सचिव एमवी गोविंदन ने खान के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि खान का कार्यकाल 5 सितंबर को समाप्त हो गया और अब वे केवल “कार्यकारी राज्यपाल” हैं। गोविंदन ने खान की धमकियों को “केवल शब्दों का खेल” करार दिया और कहा कि खान ने सांविधानिक कर्तव्यों का पालन नहीं किया है। गोविंदन ने कहा, हमें डराने की कोशिश मत कीजिए। केरल ने पहले भी ऐसे खतरे देखे हैं और उनसे बच गया है।





