नई दिल्ली।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर बुधवार को राजधानी दिल्ली स्थित राजघाट पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ (आपने नाम “राधाकृष्णन” लिखा है, जो पूर्व राष्ट्रपति थे; संभवतः आपका आशय मौजूदा उपराष्ट्रपति से है) ने बापू की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
प्रधानमंत्री मोदी सुबह-सुबह राजघाट पहुंचे और समाधि स्थल पर मौन ध्यान लगाकर महात्मा गांधी के आदर्शों को याद किया। उन्होंने कहा कि बापू के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत आज भी विश्व के लिए प्रेरणा हैं। मोदी ने जनता से अपील की कि सभी लोग स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण के लिए गांधी जी के विचारों को जीवन में उतारें।
उपराष्ट्रपति ने भी श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए गांधीजी को याद किया और कहा कि राष्ट्रपिता के विचार और कर्म ही आधुनिक भारत की नींव हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे गांधीजी के बताए मार्ग पर चलकर देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं।
इस मौके पर केंद्रीय मंत्रियों, विभिन्न दलों के नेताओं, अधिकारियों और स्कूली बच्चों ने भी बापू को अपनी श्रद्धांजलि दी। पूरे राजघाट परिसर में शांति और अनुशासन का वातावरण रहा, जहां प्रार्थना सभाएं और भजन गूंजते रहे।
महात्मा गांधी की जयंती को पूरे देश में गांधी जयंती और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर “अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस” के रूप में मनाया जाता है। राजघाट पर आयोजित यह श्रद्धांजलि समारोह हर वर्ष राष्ट्र की उस अटूट श्रद्धा का प्रतीक बनकर सामने आता है, जो गांधीजी के आदर्शों के प्रति जनता के मन में रची-बसी है।





