Top 5 This Week

Related Posts

रसोई गैस की किल्लत और कालाबाजारी का बोलबाला: 500 का सिलेंडर 2500 तक में बेचने का खेल; 57% उपभोक्ता परेशान

नई दिल्ली (14 मार्च, 2026): देशभर में रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति को लेकर मचे हाहाकार के बीच एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। एक ताजा सर्वेक्षण के अनुसार, देश के आधे से अधिक घरेलू उपभोक्ता वर्तमान में गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत और खुलेआम हो रही कालाबाजारी का सामना कर रहे हैं। मुनाफाखोरों ने इस संकट का फायदा उठाते हुए सिलेंडरों के दाम आसमान पर पहुंचा दिए हैं, जिससे आम आदमी की रसोई का बजट पूरी तरह चरमरा गया है।

सर्वेक्षण के चौंकाने वाले आंकड़े: संकट की गहराई

हाल ही में किए गए एक विस्तृत सर्वेक्षण में उपभोक्ताओं की पीड़ा सामने आई है:

  • 57% उपभोक्ता प्रभावित: देश के लगभग 57 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ताओं ने स्वीकार किया है कि उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है और उन्हें मजबूरी में कालाबाजारी का सहारा लेना पड़ रहा है।
  • मुनाफाखोरी की हद: बाजार में व्याप्त विकृति का फायदा उठाकर बिचौलिए और मुनाफाखोर एक सिलेंडर के लिए 500 रुपये से लेकर 2500 रुपये तक की अवैध वसूली कर रहे हैं।
  • डिलीवरी में भारी देरी: बुकिंग करने के बावजूद कई हफ्तों तक सिलेंडर की डिलीवरी नहीं हो रही है, जिससे उपभोक्ताओं के बीच अफरा-तफरी का माहौल है।

बाजार में विकृति: कैसे फल-फूल रहा है अवैध धंधा?

मुनाफाखोरों ने आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) में सेंध लगाकर कृत्रिम कमी (Artificial Scarcity) पैदा कर दी है:

  1. अवैध भंडारण: गैस एजेंसियों और वितरण केंद्रों के कुछ भ्रष्ट तत्वों की मिलीभगत से सिलेंडरों का अवैध भंडारण किया जा रहा है।
  2. बुकिंग में कठिनाई: ऑनलाइन और ऑफलाइन बुकिंग प्रणालियों में तकनीकी बाधाओं या जानबूझकर पैदा की गई देरी के कारण उपभोक्ताओं को लंबी प्रतीक्षा सूची (Waiting List) का सामना करना पड़ रहा है।
  3. घरेलू बनाम व्यावसायिक खेल: घरेलू उपयोग के लिए रियायती दरों पर आने वाले सिलेंडरों को अवैध रूप से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और होटलों में ऊंची कीमतों पर खपाया जा रहा है।

आम जनता पर दोहरी मार

महंगाई के इस दौर में गैस की किल्लत ने मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों की कमर तोड़ दी है:

  • शादियों के सीजन में मुसीबत: वर्तमान में शादियों और समारोहों का सीजन होने के कारण गैस की मांग काफी बढ़ गई है, जिसका लाभ मुनाफाखोर उठा रहे हैं।
  • समय और धन की बर्बादी: लोग घंटों गैस एजेंसियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं और अंत में उन्हें अपनी जेब से भारी अतिरिक्त राशि खर्च करनी पड़ रही है।

Popular Articles