Tuesday, February 17, 2026

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार हर बड़े राज्य में राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय और हर जिले में मोबाइल फोरेंसिक वैन बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि देश के गरीब से गरीब व्यक्ति भी भरोसे के साथ थाने में जा सके और उसे समय पर न्याय मिले, ऐसी न्याय प्रणाली बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

शाह ने रविवार को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) के नए भवन का उद्घाटन किया।  शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार सुरक्षित, पारदर्शी और सबूत आधारित आपराधिक न्याय प्रणाली के निर्माण में लगी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) के 16 परिसर स्वीकृत हो चुके हैं। इनमें से 7 स्थापित हैं और बाकी प्रक्रिया में हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा हर बड़े राज्य में एक एनएफएसयू बनाएंगे जिससे प्रशिक्षित मानव संसाधन मिल सके।

शाह ने कहा कि देशभर के 26 परिसरों से 36 हजार विद्यार्थी डिग्री, डिप्लोमा और पीएचडी के साथ बाहर निकलेंगे जबकि हमारी आवश्यकता 30 हजार सालाना है। इस तरह आवश्यकता के अनुसार मानव संसाधन तैयार करने का काम हम पहले ही पूरा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि 1,300 करोड़ रुपये की लागत से एनएफएसयू के 9 और परिसर बनेंगे। 860 करोड़ रुपये की लागत से 7 नई सीएफएसएल बनाई जाएंगी। ये उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, केरल और बिहार में होंगी।

शाह ने कहा कि सात साल से अधिक सजा वाले अपराधों में फोरेंसिक विज्ञान टीम का दौरा अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि अब लगभग 60 प्रतिशत मामलों में 60 दिन में आरोपपत्र दाखिल होने लगे हैं।

भाजपा कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में गृह मंत्री अमित शाह ने वादा किया कि तृणमूल सरकार के हटते ही और भाजपा की सरकार आते ही पार्टी कार्यकर्ताओं की हत्या करने वालों को पाताल से भी खोजकर सजा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने 2017 से लगातार बंगाल में अपनी राजनीतिक जमीन को मजबूत किया है।

विभिन्न संगठनों के साधु-संतों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। उन्होंने पश्चिम बंगाल के मालदा और मुर्शिदाबाद जिलों में हिंदुओं पर अत्याचार और बांग्लादेश से सीमापार घुसपैठ पर चिंता जताई। स्वामी विवेकानंद के पैतृक घर पर हुई बैठक के दौरान साधु-संतों ने दावा किया कि शाह ने हिंदू धार्मिक नेताओं से एकजुट होने और मानवता से संबंधित व्यापक मुद्दों को हल करने की दिशा में काम करने का आग्रह किया। इस दौरान शाह ने स्वामी विवेकानंद को पुष्पांजलि भी अर्पित की।

पद्म पुरस्कार से सम्मानित कार्तिक महाराज ने कहा कि साधु-संतों ने भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित करते हुए हिंदुओं के खिलाफ हिंसा के मुद्दे पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि शाह राजनीतिक चर्चा के लिए नहीं, आशीर्वाद लेने आए थे। बैठक में मौजूद एक साधु ने कहा कि हमने बंगाल के मालदा और मुर्शिदाबाद जिलों में हिंदुओं पर अत्याचार और बांग्लादेश से घुसपैठ का मुद्दा उठाया। हालांकि शाह ने किसी विशेष सवाल या घटना का जवाब नहीं दिया।

गृह मंत्री अमित शाह के बयानों पर पलटवार करते हुए तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और बंगाल सरकार में मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य कहा कि घुसपैठ रोकने की जिम्मेदारी किसकी है? आप किसके मुखिया हैं? आप अपनी अक्षमता साबित कर रहे हैं। अमित शाह, आप निश्चित रूप से नस्लवादी हैं। पहलगाम हमले के बारे में आपके पास कोई खुफिया जानकारी भी नहीं थी। आपकी लापरवाही के कारण ही 26 लोगों की जान चली गई और आप अभी तक एक भी आतंकवादी को नहीं पकड़ पाए हैं।

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