यूक्रेन नीति को लेकर ट्रंप प्रशासन में असमंजस और समन्वय की कमी नजर आ रही है। दरअसल बीते दिनों खबर आई थी कि अमेरिका ने यूक्रेन को कई हथियारों की आपूर्ति रोक दी है। अब खबर आई है कि ट्रंप प्रशासन ने यूक्रेन को हथियारों की सप्लाई फिर से शुरू कर दी है। जो हथियार भेजे जा रहे हैं, उनमें 155 एमएम के गोला बारूद और गाइडेड रॉकेट शामिल हैं। हालांकि ये जानकारी नहीं दी गई है कि हथियारों की आपूर्ति कब शुरू हुई।
व्हाइट हाउस ने हथियारों की सप्लाई पर रोक पर जताई हैरानी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बीते हफ्ते यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति रोकने का निर्देश दिया था। दरअसल पेंटागन द्वारा हथियारों के स्टॉक की समीक्षा के लिए आपर्ति रोकी गई थी। हालांकि इस फैसले पर व्हाइट हाउस ने हैरानी जताई है। व्हाइट हाउस के अधिकारी ने बताया कि यूक्रेन को भेजे जाने वाले हथियारों पर कभी भी रोक नहीं लगाई गई थी। हालांकि सुरक्षा रणनीति के तहत अमेरिकी सेना के हथियारों के स्टॉक की समीक्षा की गई थी। बीते हफ्ते पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि यूक्रेन को किन हथियारों की आपूर्ति रोकी गई, उसकी वे जानकारी नहीं दे सकते और अमेरिकी राष्ट्रपति और रक्षा मंत्री ही इस बारे में फैसला लेंगे। इससे साफ है कि यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति के मुद्दे पर समन्वय की कमी है, जिससे असमंजस की स्थिति बनी।
ट्रंप ने पेंटागन के अधिकारियों से जताई निराशा
पूर्व में जब हथियारों की सप्लाई रोकने की खबर सामने आई थी तो बताया गया कि पैट्रियट मिसाइलों, जीएमएलआरएस रॉकेट, हेलफायर मिसाइल, होवित्जर राउंड आदि की आपूर्ति रोकी गई। अब ये साफ नहीं है कि पैट्रियट मिसाइलों की आपूर्ति फिर शुरू की गई है या नहीं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को घोषणा की कि अमेरिका, यूक्रेन को रक्षात्मक हथियार पहुंचाना जारी रखेगा। हाल ही में पत्रकारों के साथ बातचीत में उन्होंने इस सवाल को टाल दिया कि हथियारों की आपूर्ति रोकने का आदेश किसने दिया।
ट्रंप ने हथियारों की आपूर्ति पर रोक के लिए पेंटागन के अधिकारियों से निराशा जाहिर की। वही पेंटागन ने इस बात से इनकार किया है कि रक्षा मंत्री हेगसेथ ने राष्ट्रपति से सलाह लिए बिना कोई कार्रवाई की। अमेरिका का यह कदम ऐसे समय सामने आया है, जब रूस ने यूक्रेन पर हवाई हमले तेज़ कर दिए हैं। ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध रुकवाने की बात कही थी, लेकिन युद्धविराम समझौते पर सहमति नहीं बनने के बाद अब लग रहा है कि ट्रंप, रूसी राष्ट्रपति पुतिन से खुश नहीं हैं और अमेरिका द्वारा हथियारों की आपूर्ति भी उसी ओर इशारा कर रही है।





