वॉशिंगटन/कीव। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच कूटनीतिक हलचल एक बार फिर तेज होती दिख रही है। इसी क्रम में यूक्रेन का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका पहुंचा है, जहां वह बाइडन प्रशासन के अधिकारियों के साथ संभावित युद्धविराम और भविष्य की सुरक्षा रणनीति पर चर्चा करेगा। इस दौरे को महत्वपूर्ण इसलिए माना जा रहा है क्योंकि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने हाल ही में दिए अपने एक बयान में युद्धविराम की दिशा में संकेत दिए हैं।
यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल के दौरे का मुख्य उद्देश्य अमेरिका से सैन्य और आर्थिक समर्थन को बनाए रखना, साथ ही संघर्ष विराम की संभावनाओं पर खुलकर विचार करना है। सूत्रों का कहना है कि यूक्रेन की ओर से युद्धविराम पर चर्चा के लिए तैयार रहने का संकेत वॉशिंगटन में सकारात्मक रूप से लिया गया है। दोनों पक्ष संघर्ष को नियंत्रित करने और कूटनीतिक समाधान तलाशने के नए रास्तों पर बातचीत कर सकते हैं।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने हाल में दिए अपने बयान में कहा था कि “यूक्रेन सभी व्यवहारिक विकल्पों पर बातचीत के लिए तैयार है, बशर्ते देश की संप्रभुता और सुरक्षा से कोई समझौता न हो।” उनकी यह टिप्पणी युद्ध में जारी गतिरोध और वैश्विक स्तर पर बढ़ते दबाव के बीच एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहली बार है जब यूक्रेन के शीर्ष नेतृत्व ने खुलकर संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की संभावना पर बात की है।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, वॉशिंगटन यूक्रेन के साथ खड़ा है, लेकिन युद्ध को लंबा खिंचने से रोकने के लिए कूटनीतिक विकल्पों पर विचार करना भी आवश्यक है। अमेरिका चाहता है कि किसी भी संभावित समझौते में अंतरराष्ट्रीय कानून और यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता को प्राथमिकता दी जाए।
दूसरी तरफ, रूस की ओर से भी हाल के दिनों में कुछ नरम बयान सामने आए हैं, जिनमें बातचीत की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया गया है। हालांकि मॉस्को की ओर से औपचारिक रूप से युद्धविराम प्रक्रिया पर कोई स्पष्ट रुख नहीं दिया गया है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि वॉशिंगटन और कीव के बीच बातचीत में कोई सकारात्मक प्रगति होती है, तो यह युद्ध के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा इसलिए भी अहम है क्योंकि आगे की सैन्य रणनीति, सुरक्षा सहायता और संभावित शांति वार्ता—सभी पर इसी में गहन चर्चा होने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, यूक्रेन-अमेरिका बातचीत की इस नई पहल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में एक उम्मीद जगाई है कि शायद युद्ध अब कूटनीतिक मोड़ लेने की दिशा में बढ़ रहा है।





