न्यूयॉर्क : संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 80वें सत्र में भाग ले रहे भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को कूटनीतिक गतिविधियों की श्रृंखला में कई देशों के अपने समकक्षों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने तथा वैश्विक चुनौतियों का मिलकर सामना करने पर जोर दिया।
जयशंकर ने मैक्सिको और साइप्रस के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक कर व्यापार, निवेश, शिक्षा, प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। भारत और मैक्सिको के बीच औषधि, आईटी और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं को रेखांकित किया गया, वहीं साइप्रस के साथ समुद्री सुरक्षा और पर्यटन क्षेत्र में नए अवसरों पर बातचीत हुई।
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत बहुपक्षीय मंचों पर अपने साझेदारों के साथ सहयोग को गहरा करना चाहता है। उन्होंने बताया कि जलवायु परिवर्तन, आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा और वैश्विक दक्षिण (Global South) से जुड़ी चुनौतियों पर भारत साझा प्रयासों के लिए प्रतिबद्ध है।
इससे पहले भी जयशंकर ने यूएनजीए के दौरान कई देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की थी और भारत की प्राथमिकताओं से अवगत कराया था। लगातार हो रही इन बैठकों को भारत की विदेश नीति में सक्रिय कूटनीति और वैश्विक साझेदारियों को नए आयाम देने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में जब अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बड़े बदलावों से गुजर रही है, भारत अपने संबंधों को विविधता देने और रणनीतिक साझेदारियों को नए स्तर पर ले जाने में जुटा है। यूएनजीए के मंच का इस्तेमाल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





