Thursday, March 5, 2026

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मोदी-पुतिन की नज़दीकी पर बौखलाया अमेरिका, भारत से की खुली अपील

नई दिल्ली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात और उनके बीच दिखी गर्मजोशी पर अमेरिका ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि भारत को रूस के साथ अपने रिश्तों पर पुनर्विचार करना चाहिए और वैश्विक चुनौतियों के दौर में उसे अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के साथ खड़ा होना चाहिए।

जानकारी के मुताबिक, हाल ही में मास्को में हुई मोदी–पुतिन की बैठक में दोनों नेताओं ने आर्थिक सहयोग, ऊर्जा, रक्षा और वैश्विक मुद्दों पर गहन चर्चा की। मुलाकात के बाद जारी संयुक्त बयान में रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। यही बात अमेरिका को खटक गई है।

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में रूस के साथ नजदीकी भारत की वैश्विक छवि पर सवाल खड़े कर सकती है। उन्होंने कहा, “भारत एक लोकतांत्रिक देश है, हमें उम्मीद है कि वह ऐसे देशों के साथ खड़ा होगा जो वैश्विक शांति और स्थिरता के पक्षधर हैं।”

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की यह प्रतिक्रिया सीधे तौर पर मोदी–पुतिन की बढ़ती नजदीकियों को लेकर चिंता का संकेत है। रूस पर यूक्रेन युद्ध को लेकर पश्चिमी देशों ने कड़े प्रतिबंध लगाए हैं और ऐसे समय में भारत–रूस संबंधों का प्रगाढ़ होना वॉशिंगटन के लिए असहज स्थिति बना रहा है।

भारत ने हालांकि पहले भी साफ किया है कि उसकी विदेश नीति “राष्ट्रहित सर्वोपरि” पर आधारित है। भारत ने रूस से ऊर्जा आपूर्ति जारी रखी है और साथ ही अमेरिका एवं यूरोपीय देशों के साथ भी मजबूत संबंध बनाए रखे हैं। कूटनीतिक हलकों का मानना है कि यही भारत की संतुलित विदेश नीति है, जो उसे वैश्विक मंच पर एक स्वतंत्र शक्ति के रूप में स्थापित करती है।

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