देहरादून: उत्तराखंड के पांच हजार जरूरतमंद परिवारों के लिए यह साल खुशियों की नई सौगात लेकर आया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) के तहत बनकर तैयार हुए पांच हजार घरों का आवंटन जल्द ही शुरू होने जा रहा है। एक भव्य राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लाभार्थियों को उनके सपनों के घर की चाबियां सौंपेंगे। सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य के गरीब और बेघर परिवारों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करना और ‘सबके पास अपना घर’ के संकल्प को धरातल पर उतारना है।
शानदार आयोजन: प्रदेश भर के लाभार्थी होंगे शामिल
राजधानी देहरादून में आयोजित होने वाले इस मुख्य कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर हैं:
- प्रत्यक्ष हस्तांतरण: मुख्यमंत्री कुछ चयनित लाभार्थियों को मंच पर स्वयं चाबियां सौंपेंगे, जबकि अन्य जिलों में जिला प्रशासन के माध्यम से इसी तरह के समारोह आयोजित कर आवासों का वितरण किया जाएगा।
- डिजिटल कनेक्टिविटी: कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के विभिन्न कोनों से जुड़े लाभार्थियों से संवाद भी करेंगे और उनके अनुभव साझा करेंगे।
- पारदर्शिता का दावा: आवास विभाग का कहना है कि लाभार्थियों का चयन पूरी तरह से पारदर्शिता और पात्रता के आधार पर किया गया है।
पहाड़ से मैदान तक: आवास योजना की मुख्य विशेषताएं
प्रधानमंत्री आवास योजना ने उत्तराखंड के दुर्गम पहाड़ी इलाकों से लेकर तराई के मैदानों तक अपनी पहुँच बनाई है:
- बुनियादी सुविधाएं: आवंटित किए जा रहे इन घरों में बिजली कनेक्शन, शौचालय और उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन जैसी बुनियादी सुविधाएं पहले से सुनिश्चित की गई हैं।
- महिला सशक्तिकरण: योजना के तहत अधिकांश घरों का पंजीकरण परिवार की महिलाओं के नाम पर या संयुक्त रूप से किया गया है, जो सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
- स्थानीय सामग्री का उपयोग: पहाड़ी क्षेत्रों में घर बनाने के लिए स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों का ध्यान रखा गया है ताकि ये आवास सुरक्षित और टिकाऊ रहें।
मुख्यमंत्री का विजन: ‘अंत्योदय’ की ओर बढ़ते कदम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर को राज्य के विकास के लिए मील का पत्थर बताया है:
- गरीब कल्याण सर्वोपरि: सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
- लक्ष्य 2025: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के स्थापना के रजत जयंती वर्ष (2025) तक कोई भी पात्र व्यक्ति आवासहीन न रहे।




