हल्द्वानी/नैनीताल: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी के दौरे पर रहेंगे। मुख्यमंत्री के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की सबसे महत्वाकांक्षी और बहुप्रतीक्षित ‘जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना’ के कार्यों का जायजा लेना है। मुख्यमंत्री निर्माणाधीन बांध स्थल का निरीक्षण करेंगे और कार्यदायी संस्थाओं के साथ समीक्षा बैठक कर परियोजना की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करेंगे। जमरानी बांध न केवल हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों के लिए पेयजल का मुख्य स्रोत बनेगा, बल्कि इससे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई भी सुनिश्चित होगी।
दौरे का मुख्य कार्यक्रम और प्राथमिकताएं
मुख्यमंत्री का आज का कार्यक्रम बेहद व्यस्त रहने वाला है, जिसमें विकास कार्यों और जनहित के मुद्दों पर जोर रहेगा:
- स्थलीय निरीक्षण: सीएम धामी जमरानी बांध के निर्माण स्थल पर जाकर कार्यों की गुणवत्ता और गति को स्वयं देखेंगे।
- पुनर्वास पर चर्चा: बांध निर्माण के कारण प्रभावित होने वाले ग्रामीणों के विस्थापन और उनके उचित पुनर्वास (Rehabilitation) की व्यवस्था मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल है। वे प्रभावितों के लिए बनाए जा रहे नए आवासों और सुविधाओं की प्रगति की रिपोर्ट लेंगे।
- अधिकारियों के साथ बैठक: निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक करेंगे, जिसमें परियोजना को समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए जाएंगे।
जमरानी बांध: कुमाऊं की ‘लाइफलाइन’
जमरानी बांध परियोजना को केंद्र सरकार से ‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना’ के तहत स्वीकृति मिलने के बाद कार्यों में तेजी आई है:
- पेयजल संकट का समाधान: इस बांध के बनने से हल्द्वानी शहर और आसपास के इलाकों को प्रतिदिन 117 एमएलडी (MLD) अतिरिक्त पेयजल उपलब्ध होगा, जिससे भविष्य की आबादी की जरूरतें पूरी होंगी।
- बिजली और सिंचाई: परियोजना से लगभग 14 मेगावाट पनबिजली पैदा होगी और उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश की 1.5 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि को नई सिंचाई सुविधा मिलेगी।
- आर्थिक विकास: बांध के निर्माण से क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा
मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए हल्द्वानी प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं:
- रूट डायवर्जन: सीएम के काफिले और सुरक्षा को देखते हुए शहर के कुछ प्रमुख मार्गों पर यातायात में बदलाव किया गया है।
- स्वागत की तैयारी: भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर खासा उत्साह है। बांध स्थल से लेकर सर्किट हाउस तक सुरक्षा घेरा मजबूत किया गया है।
विपक्ष और स्थानीय निवासियों की नजरें
जहाँ सरकार इस परियोजना को अपनी बड़ी उपलब्धि मान रही है, वहीं स्थानीय निवासी और प्रभावित परिवार मुख्यमंत्री से मुआवजे और पुनर्वास नीति पर स्पष्ट आश्वासन की उम्मीद लगाए बैठे हैं। मुख्यमंत्री द्वारा आज पुनर्वास पैकेज को लेकर बड़ी घोषणा किए जाने की भी संभावना जताई जा रही है।
“जमरानी बांध परियोजना उत्तराखंड के विकास के लिए एक मील का पत्थर है। हमारा लक्ष्य है कि प्रभावितों के हितों का पूरा ध्यान रखते हुए इस कार्य को निर्धारित समय में पूरा किया जाए ताकि जनता को इसका लाभ जल्द मिल सके।” — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी





