मुक्तेश्वर/नैनीताल: अपनी प्राकृतिक सुंदरता और हिमालय के विहंगम दृश्यों के लिए मशहूर मुक्तेश्वर में अब पर्यटकों को अपनी गाड़ियां खड़ी करने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। प्रशासन ने यहां 400 वाहनों की क्षमता वाली एक विशाल और आधुनिक पार्किंग बनाने का निर्णय लिया है। पर्यटन सीजन और वीकेंड पर पर्यटकों की भारी भीड़ के कारण लगने वाले लंबे जाम को देखते हुए इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जा रहा है। इस पार्किंग के निर्माण से न केवल बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को राहत मिलेगी, बल्कि स्थानीय व्यापारियों और निवासियों को भी संकरी सड़कों पर होने वाले ट्रैफिक से छुटकारा मिलेगा।
क्यों पड़ी पार्किंग की जरूरत?
मुक्तेश्वर में पिछले कुछ वर्षों में होमस्टे और होटलों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है, जिससे यहाँ आने वाले वाहनों का दबाव भी बढ़ गया है:
- संकरी सड़कें: मुक्तेश्वर के मुख्य बाजार और प्रसिद्ध ‘चौली की जाली’ जाने वाले मार्ग काफी संकरे हैं, जहाँ सड़क किनारे वाहन खड़े होने से अक्सर घंटों जाम लगा रहता था।
- पर्यटकों की परेशानी: पार्किंग की जगह न मिलने के कारण कई बार पर्यटकों को मुख्य स्थलों से काफी दूर वाहन खड़े करने पड़ते थे, जिससे उनका घूमने का मजा किरकिरा हो जाता था।
- आपातकालीन स्थिति: जाम के कारण एम्बुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं के वाहनों को निकलने में भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
कैसी होगी नई पार्किंग व्यवस्था?
पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन ने इस परियोजना को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया है:
- बहुमंजिला ढांचा (Multilevel Structure): सीमित जगह का अधिकतम उपयोग करने के लिए इस पार्किंग को मल्टीलेवल बनाया जा सकता है, जिसमें छोटी कारों से लेकर एसयूवी (SUV) तक के लिए पर्याप्त जगह होगी।
- आधुनिक सुविधाएं: पार्किंग परिसर में सीसीटीवी कैमरे, शौचालय, पेयजल और पर्यटकों के बैठने के लिए प्रतीक्षालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
- प्रमुख स्थलों के समीप: पार्किंग स्थल का चयन इस तरह किया जा रहा है कि वहां गाड़ी खड़ी करने के बाद पर्यटक आसानी से मुक्तेश्वर धाम मंदिर और अन्य दर्शनीय स्थलों तक पहुंच सकें।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
प्रशासन का मानना है कि बुनियादी सुविधाओं में सुधार से मुक्तेश्वर का पर्यटन और अधिक समृद्ध होगा:
- व्यापार में वृद्धि: जाम मुक्त सड़कें होने से पर्यटक बाजारों में अधिक समय बिताएंगे, जिससे स्थानीय हस्तशिल्प और रेस्टोरेंट व्यवसाय को लाभ होगा।
- रोजगार के अवसर: पार्किंग के संचालन और रखरखाव से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
निष्कर्ष: सुगम पर्यटन की दिशा में बड़ा कदम
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को जल्द से जल्द डीपीआर (DPR) तैयार कर टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले पर्यटन सीजन तक इस पार्किंग का काफी हिस्सा बनकर तैयार हो जाएगा। मुक्तेश्वर के साथ-साथ धानाचूली और नथुआखान जैसे आसपास के इलाकों के लिए भी यह परियोजना एक मील का पत्थर साबित होगी।





