लोनावला/खालापुर: देश के सबसे व्यस्ततम मार्गों में से एक मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर बीती रात एक बड़ा हादसा होने के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। एक तेज रफ्तार गैस टैंकर के अनियंत्रित होकर पलटने के कारण एक्सप्रेसवे पर पिछले 18 घंटों से हजारों वाहन फंसे हुए हैं। टैंकर से गैस रिसाव (Gas Leakage) की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन दोनों ओर के यातायात को रोक दिया है। भीषण गर्मी और लंबे इंतजार के कारण फंसे हुए यात्रियों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हादसे का विवरण और वर्तमान स्थिति
हादसा लोनावला के पास ‘अमृतंजन ब्रिज’ के समीप हुआ, जिसे एक्सप्रेसवे का सबसे संवेदनशील हिस्सा माना जाता है:
- टैंकर का पलटना: रात के अंधेरे में टैंकर चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिससे टैंकर डिवाइडर से टकराकर सड़क के बीचों-बीच पलट गया।
- गैस रिसाव का खतरा: चूंकि टैंकर ज्वलनशील गैस से भरा हुआ है, इसलिए एक छोटी सी चिंगारी बड़े धमाके का कारण बन सकती है। इसी खतरे को देखते हुए NDRF और SDRF की टीमों को तुरंत मौके पर बुलाया गया।
- रेस्क्यू ऑपरेशन: विशेषज्ञों की टीम क्रेन के जरिए टैंकर को उठाने से पहले उसमें बची गैस को सुरक्षित तरीके से दूसरे टैंकर में स्थानांतरित (Transfer) करने की कोशिश कर रही है।
यात्रियों की मुसीबत: 15-20 किलोमीटर लंबा जाम
एक्सप्रेसवे के बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं:
- हजारों वाहन फंसे: मुंबई से पुणे और पुणे से मुंबई जाने वाली कारें, लग्जरी बसें और मालवाहक ट्रक पिछले 18 घंटों से टस से मस नहीं हो सके हैं।
- भोजन और पानी का संकट: सड़क पर फंसे यात्रियों को पीने के पानी और खाने की कमी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों और कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं ने फंसे हुए लोगों को बिस्कुट और पानी वितरित करना शुरू किया है।
- वैकल्पिक मार्ग भी जाम: प्रशासन ने यातायात को पुराने मुंबई-पुणे हाईवे पर मोड़ने (Divert) की कोशिश की, लेकिन वहां भी वाहनों के भारी दबाव के कारण घंटों का जाम लग गया है।
प्रशासन और सुरक्षा बलों की कार्रवाई
हादसे वाली जगह को पूरी तरह से सील कर दिया गया है और दमकल विभाग की कई गाड़ियां स्टैंडबाय पर रखी गई हैं:
- सुरक्षा घेरा: पुलिस ने घटनास्थल के 500 मीटर के दायरे में किसी भी व्यक्ति या वाहन के प्रवेश पर रोक लगा दी है।
- तकनीकी टीम: तेल और गैस कंपनियों के इंजीनियरों को बुलाया गया है ताकि टैंकर को सुरक्षित रूप से सड़क से हटाया जा सके।
- ट्विटर और रेडियो पर अपडेट: हाईवे पुलिस लगातार सोशल मीडिया के जरिए यात्रियों को एक्सप्रेसवे का उपयोग न करने की सलाह दे रही है।
कब तक खुलेगा रास्ता?
हाइवे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, टैंकर से गैस खाली करने की प्रक्रिया में समय लग रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले 4 से 5 घंटों में स्थिति को नियंत्रित कर लिया जाएगा और एक लेन को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। हालांकि, जाम इतना लंबा है कि ट्रैफिक को पूरी तरह सामान्य होने में कल सुबह तक का समय लग सकता है।
“हमारी पहली प्राथमिकता किसी भी तरह की अनहोनी को रोकना है। गैस रिसाव का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है, इसलिए हम यात्रियों की सुरक्षा के साथ समझौता नहीं कर सकते। हम स्थिति को सामान्य बनाने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं।” — वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, हाईवे सुरक्षा दल





