Saturday, February 14, 2026

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मिशन 2027 का शंखनाद: उत्तराखंड भाजपा कोर कमेटी की महाबैठक शुरू; चुनाव में जीत की हैट्रिक के लिए दिग्गजों ने कसी कमर

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश कोर कमेटी की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव हैं। सत्ता और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और चुनावी तैयारियों को अभी से धार देने के लिए पार्टी के तमाम दिग्गज नेता एक मंच पर जुटे हैं। भाजपा का लक्ष्य राज्य में लगातार तीसरी बार सरकार बनाकर ‘जीत की हैट्रिक’ लगाने का है।

बैठक का एजेंडा: सांगठनिक मजबूती और जमीनी पकड़

कोर कमेटी की इस बैठक में कई रणनीतिक विषयों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है:

  • बूथ स्तर पर तैयारी: पार्टी नेतृत्व का मुख्य जोर ‘बूथ जीतो, चुनाव जीतो’ के मंत्र पर है। इसके लिए पन्ना प्रमुखों और बूथ कमेटियों को फिर से सक्रिय करने की योजना तैयार की जा रही है।
  • सरकार के कार्यों का प्रचार: मुख्यमंत्री धामी द्वारा राज्य में लागू किए गए कड़े फैसलों (जैसे नकल विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता आदि) को घर-घर तक पहुँचाने की रणनीति पर मंथन हो रहा है।
  • विपक्ष की घेराबंदी: आगामी सत्रों और सार्वजनिक मंचों पर विपक्ष के हमलों का जवाब देने और जनता के बीच उनके ‘भ्रामक प्रचार’ को बेनकाब करने के लिए भी खाका खींचा जा रहा है।

प्रमुख चेहरों की मौजूदगी: शीर्ष नेतृत्व का मंथन

बैठक में उत्तराखंड भाजपा के सभी शीर्ष नीति-निर्धारक शामिल हैं:

  1. सरकार और संगठन का तालमेल: मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के साथ-साथ प्रदेश प्रभारी और सह-प्रभारी भी बैठक में मौजूद हैं, जो केंद्रीय नेतृत्व के दिशा-निर्देशों को साझा कर रहे हैं।
  2. कैबिनेट मंत्रियों की रिपोर्ट: बैठक में शामिल कैबिनेट मंत्रियों से उनके विभागों की प्रगति और जनता के फीडबैक पर चर्चा की जा रही है, ताकि विकास कार्यों की गति बढ़ाई जा सके।
  3. पूर्व मुख्यमंत्रियों का अनुभव: पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पूर्व मुख्यमंत्रियों के अनुभव का लाभ लेते हुए क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की कोशिश की जा रही है।

2027 की राह: चुनौतियां और संभावनाएं

भाजपा नेतृत्व इस बात से वाकिफ है कि 2027 की राह चुनौतीपूर्ण हो सकती है, इसलिए तैयारी तीन साल पहले ही शुरू कर दी गई है:

  • युवा और महिला वोटर्स पर फोकस: सरकार की योजनाओं के केंद्र में रहे युवा और महिला लाभार्थियों (Silent Voters) को पार्टी से जोड़े रखने के लिए विशेष अभियानों की रूपरेखा बनाई गई है।
  • भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: पार्टी का मानना है कि साफ-सुथरी छवि और पारदर्शी शासन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है, जिसे और अधिक मजबूत किया जाएगा।

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